नई दिल्ली, पीटीआइ। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज बैंक और एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों) प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक करेंगी। इस बैठक का उद्देश्य कोविड-19 से जुड़े वित्तीय दबाव के समाधान के लिए वन टाइम कर्ज पुनर्गठन योजना को सुचारू और तेजी से क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पिछले महीने कंपनियों और खुदरा कर्ज ले रखे लोगों को राहत देने के लिए कर्ज को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) में डाले बिना एकबारगी पुनर्गठन की मंजूरी दी थी। बैंक आरबीआई के नियम और पात्रता के अनुरूप निदेशक मंडल से पुनर्गठन व्यवस्था की मंजूरी लेने की प्रक्रिया में है। आरबीआई ने 6 अगस्त को अधिसूचना जारी कर इस बारे में नियम और पात्रता मानदंड दिया था।

सूत्रों के अनुसार बैठक में कर्ज पुनर्गठन को लेकर बैंकों की तैयारी का आकलन करने के अलावा 20.97 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत घोषित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

वित्त मंत्रालय ने इसी सप्ताह एक बयान में कहा था कि समीक्षा के दौरान इस बात पर गौर किया जाएगा कि आखिरकार किस तरह से कारोबारियों और लोगों को व्यवहार्यता के आधार पर पुनरुद्धार संबंधी व्यवस्था का सही ढंग से उपयोग करने में सक्षम बनाया जाए। समीक्षा के दौरान बैंक नीतियों को अंतिम रूप देने और कर्जदारों की पहचान करने के साथ-साथ उन मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी जिन्हें सुचारू एवं शीघ्र कार्यान्वयन के लिए सुलझाना जरूरी है।