दक्षिण के जाने-माने‌ सिनेमेटोग्राफर और फिल्म निर्देशक केवी आनंद का हार्ट अटैक से आज चेन्नई में निधन हो गया. कोरोना के संक्रमण के चलते उन्हें 24 अप्रैल को चेन्नई के MIOT मल्टीस्पेशियालिटी अस्पताल में दाखिल कराया गया. आज तड़के 3.00 बजे कोरोना से जुड़ी जटिलताओं व हार्ट अटैक के चलते उनका निधन हो गया. वो महज 54 साल के थे.

केवी आनंद ने बतौर फोटो जर्नलिस्ट अपने करियर की शुरुआत की थी और फिर बाद में उन्होंने मशहूर सिनेमेटोग्राफर पी. सी. श्रीराम को असिस्ट करना शुरू किया था. तमिल समेत दक्षिण की कई बड़ी फिल्मों के लिए सिनेमेटोग्राफी करते हुए केवी आनंद ने कुछ सालों में एक नामी सिनेमेटोग्राफर के तौर पर अपनी पहचान बना ली थी. इसके बाद केवी आनंद ने साल 2005 में रिलीज हुई फिल्म ‘कना कानदेन’ के जुरिए बतौर डायरेक्टर अपना डेब्यू किया था.

‘थेनमाविन कोम्बाथ’ नामक मलयालम फिल्म में बेहतरीन सिनेमेटोग्राफी के लिए केवी. आनंद को राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाजा गया था. इस फिल्म में अभिनेता मोहनलाल और अभिनेत्री शोभना मुख्य भूमिकाओं में थी.

दक्षिण में तमाम बड़ी फिल्मों के लिए सिनेमेटोग्राफी करते हुए अपनी एक अलग पहचान बनानेवाले केवी आनंद ने साल राजकुमार संतोषी निर्देशित दो फिल्मों – ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ (2002) और ‘खाकी’ (2004) के लिए भी छायांकन किया था. इन दोनों ही फिल्मों में अजय देवगन मुख्य भूमिकाओं‌ में थे.

अजय देवगन ने सोशल मीडिया के जरिए केवी आनंद के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए लिखा, “मेरी खुशकिस्मती रही कि मुझे द लीजेंड ऑफ भगत सिंह और खाकी में केवी आनंद के साथ काम‌ करने का मौका मिला. वे एक बेहद उम्दा किस्म के तकनीशियन थे. काश, वो इतनी जल्दी हमारे बीच से नहीं गये होते. आनंद तुम्हारी आत्मा को शांति मिले. मेरी ओर से उनके परिवार को  सांत्वना’.

उल्लेखनीय है ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ और खाकी फिल्मों से पहले केवी आनंद ने 1998 में अक्षय खन्ना और ज्योतिका अभिनीत फिल्म ‘डोली सजाके रखना’ और साल 2000 में शाहरुख खान, ऐश्वर्या राय व चंद्रचूड़ सिंह स्टारर फिल्म ‘जोश’ के लिए भी सिनेमाटोग्राफी की थी.

अल्लु अर्जुन, महेश बाबू समेत दक्षिण के कई लोकप्रिय सितारों और इंडस्ट्री से जुड़े अन्य लोगों ने भी केवी आनंद की कोरोना के संक्रमण से हुई असामायिक मौत पर गहरा शोक जताया है.