देश भर में कृषि कानून के खिलाफ 18 दिन से चल रहा है किसान आंदोलन, वही बिहार में गोबी का सही दाम न मिलने के कारण एक किसान ने अपनी उगाई हुई गोबी की लहलहाती फसल पर ट्रैक्टर चला दिया।

समस्तीपुर जिले के मुक्तापुर के किसान ओम प्रकाश यादव का कहना है कि गोबी की फसल उगाने के लिए लगभग 4 हज़ार रूपए प्रति कट्टे का खर्च बैठ जाता है। अपनी परेशानी बताते हुए ओम प्रकाश यादव ने कहा कि पहले तो गोभी को मजदूर से कटवाना पड़ता है, फिर बोरा देकर पैक करवाना होता है और ठेले से मंडी पहुंचाना पड़ता है, लेकिन वहां आढ़तिए एक रुपये प्रति किलो भी गोभी की फसल खरीदने को तैयार नहीं है। मजबूरन उसे अपनी फसल पर ट्रैक्टर चलवाना पड़ रहा है।

ओम प्रकाश यादव किसान ने यह भी बताया की उनकी फसल दूसरी मर्तबा ख़राब हुई है। इस से पेहले भी इनकी उगाई हुई सब्ज़ी का कोई खरीदार ना मिलने के बाद उनको अपनी फसल ख़राब करनी पड़ी थी।

ओम प्रकाश यादव ने कहा कि अब वे इस जमीन पर गेंहू रोपेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस बार भी 1 रुपय का भी लाभ नहीं हुआ है। इससे पहले उनका काफी गेहूं खराब हो गया था तो सरकार से एक हजार 90 रुपया का मुआवजा मिला था। इस किसान ने कहा कि वह 8 से 10 बीघे में खेती करते हैं और सरकार की ओर से एक हजार रुपया क्षतिपूर्ति मिलता है।