केंद्र के कृषि कानून के खिलाफ किसान अभी भी बॉर्डर पर दते हुए है . किसान अलग अपने ज़िद पर अड़े है तो वही केंद्र सरकार भी अब तक टस से मस तक नहीं हुई . बताया जा रहा केंद्र संसोशन करने की बात कह रही ,मगर इसमें भी कितना सच्चाई है ये आगे का वक़्त ही बताएगा जब केंद्र सरकार के तरफ आधिकारिक पुस्टि होगी .

बता दें आज दिन शनिवार 5 दिसंबर को को किसान और सरकार के बिच पांचवी दौर की मीटिंग रखी गयी है . इस से पहले चार मीटिंग का कोई हल नहीं निकल क्र नहीं आया था .यहाँ तक बात सिर्फ यहाँ तक पहुंची है की सरकार एक समिति बनाएगी जिसमे किसान नेताओं को भी शामिल करेगी और चर्चा करेगी . मगर अभी तक किसान अपनी बात पर अड़े है .

खबर ये आ रही की किसानों से बातचीत से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने एक बैठक बुलाई है जिसमे केंद्र के कई दिग्गज नेता शामिल है जैसे राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह .अब देखना होगा बैठक से क्या निकल कर आती है . क्या शर्त से मानती है केंद्र सरकार .
क्योकि सरकार और किसान की अब तक जितनी भी मीटिंग हुई है सब फेलही रही है . किसान नेता भी आपस में बात करके आज मीटिंग अपनी शर्तों को मंजूर कराने की कोशिश करेंगे .

इस बीच, किसान संगठनों ने प्रधानमंत्री का पुतला फूंकने की घोषणा की है. साथ ही 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया है.किसान चिल्ला बॉर्डर (दिल्ली-नोएडा लिंक रोड) पर प्रदर्शन कर रहे हैं. एक किसान ने कहा कि अगर सरकार के साथ बातचीत में आज कोई नतीजा नहीं निकला तो फिर संसद का घेराव करेंगे. कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसान पिछले नौ दिनों से डटे हुए हैं और उनके प्रदर्शन का 10वां दिन है. तमाम मसलों को लेकर दो बार केंद्र सरकार के साथ चर्चा हुई है. मगर अभी तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आाया है.