पीएम मोदी ने कहा की रातो रात लागू नहीं हुआ है कानून, विपक्ष किसानो को भड़का रहा है. राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर 23 वे दिन भी डटे हुए हैं. और कृषि कानून को रद्द करने की मांग कर रहे हैं. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कल किसानों को आठ पन्नों की एक चिट्ठी लिखी. इस पत्र में किसान बिल की खूबियाँ गिनाई हैं और साथ ही किसान बिल को लेकर फैलाई गयी भ्रांतियाँ भी बताई गयी हैं. पीएम मोदी ने भी किसानों से कृषि मंत्री की चिट्ठी पढ़ने की अपली की है.

प्रधान मंत्री ने कहा की पुरानी सरकारों को इतनी चिंता है तो देश में 100 के करीब बड़े सिंचाई प्रोजेक्ट दशकों तक नहीं लटकते. सोचिए, बांध बनना शुरू हुआ तो पच्चीसों साल तक बन ही रहा है. इसमें भी समय और पैसे, दोनों की जमकर बर्बादी की गई. अब हमारी सरकार हजारों करोड़ रुपए खर्च करके इन सिंचाई परियोजनाओं को मिशन मोड में पूरा करने में जुटी है. हम हर खेत तक पानी पहुंचाने के लिए काम कर रहे है.

प्रधान मंत्री ने यह भी कहा की  7-8 साल पहले यूरिया का क्या हाल था? रात-रात भर किसानों को यूरिया के लिए कतारों में खड़े रहना पड़ता था या नहीं? कई स्थानों पर, यूरिया के लिए किसानों पर लाठीचार्ज की खबरें आती थीं या नहीं? यूरिया की जमकर कालाबाजारी होती थी या नहीं. आज यूरिया की किल्लत की खबरें नहीं आतीं, यूरिया के लिए किसानों को लाठी नहीं खानी पड़तीं. हमने किसानों की इस तकलीफ को दूर करने के लिए पूरी ईमानदारी से काम किया है.