सरकार ने पहले लोगों को भरोसा दिलाया था की वैक्सीन के कोई साइड इफेक्ट्स नहीं है।बाकायदा AIIMS के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने तीन वीडियो के साझा कर ये बताया था की देश में बने दोनों वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावशाली है। यहाँ तक डॉक्टरों ने भी भरोसा दिलाया था वैक्सीन बिलकुल असरकारक है और कोई साइड इफेक्ट्स नहीं है। मगर इन सब बातों से ईत्तर वैक्सीन आने के बाद कुछ और ही नज़ारा देखने को मिल रहा है।

सरकार ने खुद इस बात को स्वीकार किया है और बताया की अब तक 447 लोगों में साइड इफेक्ट्स देखने को मिला है उनसब की इलाज चल रही है ,सबकी हालत खतरे से बाहर है। तीन लोगो की हालात थोड़ी नाज़ुक थी मगर अब वो भी सामान्य है। ये आंकड़ा तो सरकार ने अपने तरफ से बता रही। इसके बाद दिल्ली में 52 हेल्थ वर्कर्स को टिका लगने के बाद उनको भी थोड़ी बहुत दिक्कत का सामना करना पड़ा था। एक कर्मचारी ने शिकायत भी किया था थोड़ी बेचैनी सी हो रही मगर उसके बाद वो भी नार्मल हो गया।

वैक्सीन की साइड इफेक्ट्स पर बात करते हुए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा की 51 मामूली केस सामने आये थे जो अब बिलकुल ठीक है। एक व्यक्ति थोड़े से गंभीर हो गए थे जिनको अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एक केस मुरादाबाद से भी आयी है की एक 46 वर्षीय व्यक्ति की मौत वैक्सीन की साइड इफेक्ट्स से हुई है। हालाँकि डॉक्टरों का मानना है की उस व्यक्ति की मौत वैक्सीन की साइड इफेक्ट्स से नहीं हुई है। जबकि परिवार वाले कह रहे उनको जबसे वैक्सीन लगी थी तब से वो परेशान थे।

वैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने दावा किया है की जिनको वैक्सीन से साइड इफेक्ट्स होती उनको कंपनी मुआवजा देगी। लेकिन सरकार के तरफ कोई आधिकारिक पुस्टि नहीं किया गया है की कंपनी मुआवजा तक देगी।

बता दें पुरे देश भर में 16 जनवरी से वैक्सीन लगवाने की प्रक्रिया शुरू की गयी थी। प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये टीकाकरण का शुरुआत किया था। इसके बाद करीब 3300 जगहों पर एक साथ टिका लगाने का काम शुरू किया गया था।