• दिशा निर्देश जारी, निगेटिव मार्किंग नहीं होगी

बिहार बोर्ड ने माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) 2019 की पुनर्परीक्षा के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। उसके अनुसार इस पात्रता परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्न बहुवैकल्पिक होंगे। प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प होंगे। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा। निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। पेपर-1 में पूछे जाने वाले प्रश्नों में 100 अंक विषय-वस्तु से होंगे तथा 50 अंक शिक्षण-कला एवं अन्य दक्षताओं पर आधारित होंगे।

इस प्रकार, पेपर 1 कुल-150 अंकों का होगा। पेपर 2 में पूछे जाने वाले प्रश्नों में 100 अंक विषय-वस्तु से होंगे तथा 50 अंक शिक्षण-कला एवं अन्य दक्षताओं पर आधारित होंगे। पेपर-2 कुल-150 अंकों का होगा। पेपर-2 में कम्प्यूटर साइंस विषय के लिए भी परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है, जिसके तहत 100 अंक के विषय-वस्तु से प्रश्न होंगे तथा सामान्य ज्ञान एवं अन्य दक्षता की परीक्षा से 50 अंक होंगे। इस प्रकार, कम्प्यूटर साइंस विषय में भी प्रश्न पत्र कुल 150 अंक के होंगे।

37440 रिक्तियां

माध्यमिक उच्च माध्यमिक

विषय पद विषय पद
अंग्रेजी 5054 अंग्रेजी 2125
गणित 5054 गणित 2104
विज्ञान 5054 भौतिकी 2384
सामा.विज्ञान 5054 रसायन शास्त्र 2221
हिन्दी 3000 प्राणी शास्त्र 723
संस्कृत 1054 वनस्पति शास्त्र 835
उर्दू 1000 कंप्यूटरसाइंस 1673
कुल योग 25270 कुल योग 12170

परीक्षा कार्यक्रम

  • माध्यमिक विद्यालय के लिए पेपर-1, 2.30 मिनट
  • उच्च माध्यमिक विद्यालय के लिए पेपर-2, 2.30 मिनट

सिलेबस जारी नहीं होने से उहापोह की स्थिति

एसटीईटी की दोबारा परीक्षा की तिथि के घोषणा के बाद अभ्यर्थी सिलेबस को लेकर फिर से बेचैन हैं। बीएड उत्तीर्ण छात्र संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष दीपांकर गौरव ने बताया कि बिहार बोर्ड ने अभी तक एसटीईटी का विषयवार सिलेबस जारी नहीं किया है, जिससे छात्रों में उहापोह की स्थिति है। दीपांकर ने बिहार बोर्ड से जल्द एसटीईटी का सिलेबस जारी करने की मांग की है ताकि अभ्यर्थी अपनी तैयारी सही दिशा में कर सके। उन्होंने कहा कि यदि सिलेबस जारी किए बिना परीक्षा ली गई तो अभ्यर्थी एसटीईटी का बहिष्कार करेंगे।

7 वर्ष होगी प्रमाण पत्र की वैधता

एसटीईटी 2019 की पुनर्परीक्षा 9 से 21 सितंबर के बीच आयोजित की जाएगी। एसटीईटी 2019 में सफल उम्मीदवार को अधिकतम सात वर्षों तक पात्रता परीक्षा के आधार पर शिक्षक बनने के योग्य माना जाएगा। यह वैधता नियुक्ति के अधिकतम उम्र सीमा तक ही मान्य होगी। पास अंक प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों का उच्च प्राप्तांक से न्यूनतम प्राप्तांक के क्रम में कुल पद के बराबर अभ्यर्थियों का मेधा सूची तैयार की जाएगी।