उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली सरकार के शहरी विकास सचिव को पत्र लिखकर कहा कि यदि नगर निगम की प्राथमिक कर्तर्व्य भी नहीं कर सकते है तो दिल्ली सरकार का शिक्षा निदेशालय इन नगर निगमों के स्कूलों का अधिग्रहण करेगा।

सिसोदिया ने कहा कि नगर निगम दिल्ली सरकार के शिक्षा मद में दिए गए फंड को किसी अन्य कार्य में स्थानांतरित करता है तो निगम स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है। इसलिए निगम को फंड देने के बजाय दिल्ली सरकार का शिक्षा निदेशालय नगर निगमों के स्कूलों का बच्चों औरशिक्षकों के हित में अधिग्रहण करे व शहरी विकास विभाग इस संबंध में एक्शन टेकन रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करे। दिल्ली के तीन नगर निगम है। इन तीनों निगमों के लिए दिल्ली सरकार का शहरी विकास विभाग ही मुख्य प्रशासनिक विभाग माना जाता है। शहरी विकास विभाग द्वारा ही निगमों को फंड भेजा जाता है।

डिप्टी सीएम बोले-एमसीडी ने न वेतन दिया न किताबें
सिसोदया ने कहा कि दिल्ली सरकार ने निगमों को

शिक्षा मद में 853 करोड़ रुपये दिए हैं। इनमें से 393 करोड़ उत्तरी दिल्ली नगर निगम को दिए गए हैं। इस फंड से निगम के शिक्षकों को वेतन दिया जाना है व स्कूली बच्चों के लिए किताबों की व्यवस्था करनी है। अब शिकातय मिली है कि न शिक्षकों को वेतन का भुगतान किया गया है और न स्कूली बच्चों को पुस्तकें मिली हैं। यह सुनिश्चित करना शहरी विकास विभाग के सचिव की जिम्मेदारी है।