आईपीएल क्रिकेट की सबसे बड़ी लीग है। कोरोना के बीच इसका आयोजन इस बार यूएई में हो रहा है। मुकाबले 19 सितंबर से 10 नवंबर के बीच होंगे। आईपीएल से केवल विदेशी खिलाड़ियों को फायदा नहीं होता है। बल्कि उनके बोर्ड को फीस मिलती है। नियम के अनुसार खिलाड़ी को मिलने वाली राशि की 10% राशि फ्रेंचाइजी और 10% राशि बीसीसीआई संबंधित बोर्ड को बतौर रिलीजिंग फीस देते हैं।

इस बार हुए ऑक्शन में कुल 62 खिलाड़ी नीलाम हुए थे। इनमें से 29 विदेशी थे। इन पर 107.25 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। यानी 6 विदेशी बोर्ड को लगभग 21 करोड़ रुपए की राशि सिर्फ खिलाड़ियों को आईपीएल में भेजने के लिए मिले।

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को 13 खिलाड़ियों ने दिलाए 11.45 करोड़
ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज पैट कमिंस नीलामी के सबसे महंगे खिलाड़ी रहे थे। उन्हें कोलकाता ने 15.50 करोड़ में खरीदा था। कुल 13 खिलाड़ियों को 57.25 करोड़ मिले। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को 11.45 करोड़ रुपए मिले।

इंग्लैंड बोर्ड को 3.75 करोड़ रुपए मिले
इस बार ऑक्शन में इंग्लैंड के 7 खिलाड़ियों की नीलामी हुई। सबसे ज्यादा 5.5 करोड़ रुपए सैम करेन को मिले। 7 खिलाड़ियों पर कुल 18.75 करोड़ की राशि खर्च हुई। यानी इंग्लिश बोर्ड को 3.75 करोड़ रुपए मिले।

दूसरे बोर्ड को फायदा
विंडीज के 4 खिलाड़ियों पर 17.5 करोड़, द. अफ्रीका के 3 खिलाड़ियों पर 12.75 करोड़ खर्च हुए। विंडीज बोर्ड को 3.5 करोड़, अफ्रीका बोर्ड को 2.55 करोड़ मिले। न्यूजीलैंड के नीशाम-श्रीलंका के उडाना को 50-50 लाख मिले। दोनों बोर्ड को 10-10 लाख मिले।

फीका ने आईसीसी से छह लीग पर बैन लगाने की बात कही है
फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल क्रिकेटर्स एसोसिएशंस (फीका) ने सालाना रिपोर्ट जारी की है। लगभग 34% खिलाड़ियों ने पैसे देर से मिलने या नहीं मिलने की बात कही। फीका ने 6 लीग पर बैन करने को कहा है। सर्वे में 277 पुरुष खिलाड़ी शामिल हुए।

फीका रिपोर्ट की 5 अन्य खास बातें

  • 82% ने माना- टेस्ट सबसे महत्वपूर्ण फॉर्मेट है
  • 86% ने कहा- वर्ल्ड कप सबसे महत्वपूर्ण ग्लोबल इवेंट है
  • 77% खिलाड़ी भविष्य को लेकर आशावादी हैं
  • 82% खिलाड़ी टेस्ट चैंपियनशिप में प्रमोशन और रेलिगेशन के पक्ष में
  • 76% खिलाड़ी चार दिन के टेस्ट के पक्ष में नहीं हैं