एबीपी गंगा के e-कॉन्क्लेव में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने कोरोना से निपटने को लेकर सरकार के इंतजामों पर बातचीत की. उन्होंने बताया कि किस तरह यूपी सरकार ने राज्य में कोरोना संक्रमण की रफ्तार को कम करने पर काम किया. एबीपी गंगा से बातचीत में उन्होंने कहा कि यूपी सरकार ने कोरोना के बचाव से लेकर इलाज तक हर स्तर पर बहुत गंभीर चर्चा कर और मॉनिटरिंग की और इसको कम करने की कोशिश की. हमे विश्वास है कि हम करोना को पराजित करेंगे.

सुरेश खन्ना ने बताया कि बीते 1 महीने में नजर डाले तो 24 अप्रैल को सर्वाधिक 38,055 केस थे, लेकिन आज 2227 केस रह गए हैं. वहीं, सक्रिय केस 30 अप्रैल को तीन लाख 10 हजार 783 केस थे. वहीं अब ये घटकर 46,201 रह गए हैं. यूपी में रिकवरी रेट 96.1 फीसदी हो गया है. उन्होंन आगे कहा कि बीते साल मार्च में हम 100 टेस्ट भी नहीं कर रहे थे, लेकिन आज हम लगभग साढ़े तीन लाख रोजाना टेस्ट करने की क्षमता रखते हैं. इनमें से करीब डेढ़ लाख आरटीपीसीआर टेस्ट हैं.

हर स्तर पर गिरावट देखने को मिली”

उन्होंने ये भी बताया कि यूपी में कुल संक्रमित 16,88,152 हुए हैं. 16,21,743 लोग अब तक रिकवर हो चुके हैं. हर स्तर पर कोरोना के मामलों में गिरावट देखने को मिल रही है. हमसे छोटे राज्यों में भी यूपी के मुकाबले ज्यादा केस हैं. वहीं यूपी में मृत्यु के मामलों में भी कमी देखने को मिली है. ये हमारी व्यवस्था, लोगों के सहयोग और अनुशासन का परिणाम है. इसीका परिणाम है कि यूपी में कोरोना का ग्राफ नीचे आ रहा है.

“नई बीमारी नहीं ब्लैक फंगस”

उन्होंने आगे बताया कि ब्लैक फंगस के 1080 मामले आए हैं. इससे 59 लोग ठीक हुए जबकि 66 की मौत हो गई है. खास बात है कि ब्लैक फंगस नई बीमारी नहीं है. इसलिए इसके लिए दो गोलियां इंजेक्शन का विकल्प हो सकती है. मेडिकल एक्सपर्ट की राय से ये टेबलेट ली जा सकती हैं. इसके अलावा हमने बीते शनिवार को एक कमेटी बनाई थी. पीजीआई के डायरेक्टर श्री धीमन की अध्यक्षा में उन्होंने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. उससे संबंधित लोग उसका परिक्षण करेंगे उसके सावधानी और इलाज के बारे में राय देंगे. हम ब्लैक फंगस या व्हाइट फंगस को रोकन में भी सक्षम होंगे.