डीयू की दाखिला शाखा ने किसी भी कॉलेज में फर्जी दाखिला न हो इसके लिए कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया है। दाखिला शाखा ने इसके लिए कॉलेजों को सही बोर्ड की सूची साझा की है जिससे उनको वैध प्रमाणपत्रों वाले छात्रों को दाखिला देने में परेशानी न हो। डीयू ऑनलाइन वैरिफिकेशन की प्रक्रिया को और मजबूत करके फर्जी दाखिला पर लगाम लगाने में जुटा है।
दिल्ली विश्वविद्यालय की दाखिला शाखा ने वैरिफिकेश के लिए देश के अधिकांश बोर्ड से उनका परीक्षा परिणाम भी मांगा था जिससे छात्रों के अंकपत्र मिलाए जा सकें और धांधली की आशंका कम हो।

कॉलेजों को दी गई जानकारी

डीयू ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन व ऑल इंडिया बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन द्वारा मान्यता प्राप्त बोर्ड के छात्रों को ही डीयू स्नातक में दाखिला देगा। इसकी विस्तृत जानकारी डीयू ने कॉलेजों को बता दी है। ज्ञात हो कि पिछले वर्ष भी कुछ छात्रों ने ऐसे बोर्ड से आवेदन किया था जिनके बोर्ड को मान्यता नहीं दी गई थी। ऐसे में उन बोर्ड के छात्रों को डीयू ने दाखिला नहीं दिया।

सीबीएसई के अलावा अन्य बोर्ड के अंकों का सत्यापन ऑनलाइन ही हो सकेगा। डीयू को कई बोर्ड अपने परीक्षा परिणाम दे चुके हैं। इस बारे में डीयू में दाखिला शाखा की डीन प्रो. शोभा बगई ने बताया कि हमारे यहां दाखिला लेने वाले छात्रों में बड़ी संख्या में छात्र केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से आते हैं। इस बोर्ड से हमारा सीधा लिंक है इसलिए सीधे अंकपत्रों का वैरिफिकेशन हो जाएगा। इसी तरह से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल ने भी हमें परीक्षा परिणाम उपलब्ध कराएं हैं। हमने बोर्ड को इसके बारे में लिखा था। लगभग आठ बोर्ड ने हमें अपना परीक्षा परिणाम उपलब्ध करा दिया है। इसके लिंक भेज दिए हैं। इससे ऑनलाइन वैरिफिकेशन में हमें काफी आसानी होगी