वैसे किसान तो धरना – प्रदर्शन पीछे 16 दिनों से कर रहे मगर दिल्ली पुलिस की नींद तब खुली जब 29 नवम्बर को लामपुर बॉर्डर से जबरन दिल्ली की सीमा में घुस आए थे और सिंघु बॉर्डर की रेड लाइट पर धरने पर बैठ गए थे, तब से अब तक वहां किसान ऐसे ही रोड ब्लॉक कर बैठे हैं. उसके बाद क्या था दिल्ली पुलिस ने अपना कार्य क्षेत्र में ये काम बताते उनपर FIR दर्ज़ किया है .7 दिसम्बर को भी पुलिस ने अलीपुर थाने में किसानों के खिलाफ FIR दर्ज की थी.

बता दें फिर से नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले कुछ महीनों से हजारों किसान आंदोलन कर रहे हैं और उन कानूनों को वापस लेने की मांग केंद्र सरकार से कर रहे हैं. किओसानो के मन में ये डर बैठ गया है की नए कानून की आड़ में निजी क्षेत्र द्वारा उनकी फसलों को कम कीमत पर खरीदा जा सकता है. इसके अलावा न्यूनतम समर्थम मूल्य से भी किसानों को वंचित किया जा सकता है.

इधर केंद्र सरकार ने ये साफ़ कर दिया है की वो किसान कानून वापस नहीं लेगी. सरकार ने कहा है कि वो किसानों के हित को देखते हुए कानून में संशोधन कर सकती है.