DCGI ने सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन कोविशील्ड और भारत बायोटेक की वैक्सीन कोवैक्सीन को आपातकाल इस्तेमाल की अंतिम मंजूरी दे दी है.ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया यानी कि DCGI ने एलान किया की भारत बायोटेक की वैक्सीन कोवैक्सीन को आपातकाल इस्तेमाल की अंतिम मंजूरी दे दी है.

DCGI निदेशक विजि सोमानी ने कहा की दोनों ही वैक्सीन सुरक्षित है.इसका इस्तेमाल आप इमरजेंसी के समय में आप लगवा सकते है.DCGI के मुताबिक दोनों ही वैक्सीन की दो दो डोज इंजेक्शन के रूप में दी जाएगी.इन दोनों वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री के तापमान में सुरक्षित रखा जा सकेगा.

DCGI के निदेशक वीजी सोमानी ने कहा कि Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO) की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (SEC) ने 1 और 2 जनवरी को कोविशील्ड और कोवैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल की सिफारिश की थी.

DCGI के मुताबिक इस SEC में इस क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल थे. इनमें से Pulmonology, Immunology, Microbiology, Pharmacology, Paediatrics, Internal medicine के डॉक्टर और वैज्ञानिक थे.

DCGI के मुताबिक सीरम इंस्टीट्यूट के वैक्सीन की ओवरऑल क्षमता 70.42% थी. सीरम के आंकड़े दूसरे देशों में किए गए अध्ययन से मेल खाते हैं. DCGI ने कहा कि सीरम द्वारा इस वैक्सीन पर देश में क्लिनिकल ट्रायल जारी रहेगा.

DCGI ने कहा कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं

वीजी सोमानी ने कहा कि वैक्सीन 110 प्रतिशत सुरक्षित है. उन्होंने कहा कि अगर सुरक्षा को लेकर तनिक भी चिंता रही तो वे ऐसी किसी भी वैक्सीन को एप्रूव नहीं करेंगे. वीजी सोमानी ने कहा कि हल्के साइड इफेक्ट होते हैं लेकिन इसे लेकर चिंता की कोई बात नहीं है. उन्होंने कहा कि हल्का बुखार, दर्द, एलर्जी जैसी चीजें हर वैक्सीन से होती है.

एक व्यक्ति के सवाल पर विजि सोमानी ने कहा की ऐसी अफवाह चल रही है कि इस वैक्सीन को लगाने से लोग नपुंसक हो जाएंगे इसके जवाब में निदेशक वीजी सोमानी ने कहा कि ये पूरी तरह से बकवास बात है और इस पर जरा सा भी ध्यान देने की जरूरत नहीं है.

इधर देश में 2 जनवरी से कोरोना वैक्सीन का ड्राई रन किया गया. ड्राई रन के रिजल्ट काफी सकारात्मक रहे. इस दिन वैक्सीन को देने की पूरी प्रक्रिया को रियल टाइम में किया गया.