कोरोनावायरस पुनर्जन्म:

किसी ने नहीं सोचा था कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई इतनी लंबी चलेगी। इसलिए जब कई मरीज़ कोरोना वायरस से उबर जाने के बावजूद इस बीमारी जैसे लक्षण लेकर दोबारा अस्पताल पहुंचते हैं, तो ये स्थिति सबको और परेशान कर देने वाली होती है।

हालांकि, कोरोना वायरस को हराने के हफ्तों के बाद भी इस बीमारी जैसे लक्षण महसूस करना आम बात है। जबकि कोरोना से दोबारा संक्रमित हो जाना एक ऐसा विषय है जिसके बारे में अभी तब कोई जवाब नहीं मिला है। दुनियाभर में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां लोगों को दूसरी बार कोरोना वायरस हो गया हो। जिसका मतलब वे कभी इससे उबरे ही नहीं थे।

क्या दोबारा संक्रमित होना मुमकिन है?

अब तक के वैज्ञानिकों ने ज़ोर दिया है कि दोबारा संक्रमण संभव नहीं होना चाहिए क्योंकि एक व्यक्ति वायरस के पहली बार हुए वाले हमले को रोकने के लिए पर्याप्त एंटीबॉडी प्राप्त कर लेता है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन, ने हाल ही में सलाह देते हुए कहा कि ऐसे कोई सबूत नहीं हैं जो इस बात का सुझाव दें कि कोरोना वायरस दोबारा होना मुमकिन है।

जब पहली बार कोरोना वायरस से उबरते हैं, तो क्या होता है?

हमारा शरीर मौजूदा वायरस के जेनेटिक मेकअप को याद करके इस बीमारी से लड़ना सीखता है। वायरल संक्रमण से उबरने के बाद, एक व्यक्ति एंटीबॉडी प्राप्त करता है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को पहले हुए इस वायरस के हमले को याद रखने में और भविष्य के किसी भी प्रकार के हमलों के लिए खुद को तैयार करने में मदद करता है। इस प्रकार, शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए बेहतर स्थिति में होता है।

फिर दोबारा संक्रमण क्यों होता है?

हालांकि, ऐसे काफी कम मामले सामने आए हैं, जहां लोगों को दोबारा कोविड-19 जैसे लक्षण महसूस हुए हों। वैज्ञानिकों का सुझाव है कि दोबारा वायरस जैसे लक्षण दिखने के कई मतलब हो सकते हैं, जिससे हमें ये समझने में मदद मिल सकती है कि आखिर दोबारा लक्षण क्यों दिखाई देते हैं।

इसका एक संभावित कारण यह हो सकता है कि जब एक बार कोई व्यक्ति संक्रमण से ठीक हो जाता है, तो शरीर में वायरल का भार कम हो जाता है। कुछ मामलों में, एक ठीक हुए मरीज़ के शरीर में काफी स्तर का वायरस रह जाता है, जिसकी वजह से लक्षण दिखते हैं और दोबारा संक्रमित हो सकता है।

  1. ये वायरस एक इंसान के शरीर में तीन महीने तक रह सकता है, यह वही अवधि जिस दौरान अधिकांश लोग दोबारा संक्रमित हो जाते हैं। हालांकि, वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि एक बार ठीक हो जाने के बाद दूसरी बार कोरोना पॉज़ीविट आने का मतलब दोबारा संक्रमित होना नहीं है, बल्कि शरीर में छूट गया काफी कम स्तर का वायरस होता हैस जिसकी वजह से लक्षम मौजूद होते हैं।