नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। क्या कोविड-19 से बच्चों में डायबिटीज का खतरा हो सकता है। अब तक की रिसर्च में कोरोना संक्रमण के बाद हड्डी, दिमाग और थकान से संबंधित परेशानियों की बात सामने आई थी लेकिन इंपीरियल कॉलेज लंदन के एक नए शोध में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। जिससे दुनिया को नई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया है कि कोरोना काल में बच्चों में टाइप -1 डायबिटिज के मामले अचानक बढ़ गए हैं।

इसके बाद लंदन के इंपीरियल कॉलेज के शोधकर्ताओं ने यह पता लगाने की कोशिश की कि लंदन के पांच बाल रोग अस्पतालों में वास्तव में टाइप -1 से पीड़ित कितने बच्चों का इलाज हो रहा है। इस पड़ताल के बाद शोधकर्ताओं के सामने कुछ आश्चर्यजनक परिणाम आए। शोधकर्ताओं ने पाया कि इन पांच अस्पतालों में 23 मई से 4 जून के बीच डाइबिटीज-1 से पीड़ित करीब 30 बच्चों का इलाज हुआ था। यह नतीजा चौंकाने वाला था।

शोधकर्ताओं ने बताया कि डायबिटीज से पीड़ित बच्चों की यह संख्या आमतौर पर आम दिनों में आने वाले डायबिटीज के मरीजों की संख्या से दोगुनी थी। इनमें देखा गया कि अस्पताल में जिन बच्चों का डायबिटीज का इलाज हो रहा है उनमें से पांच का कोरोना टेस्ट पोजीटिव आया था या उन्हें इससे पहले कोरोना हुआ था। इसके अलावा कम से कम नौ बच्चे ऐसे थे जिनका कोरोना टेस्ट हुआ ही नहीं था। इसलिए शोधकर्ताओं ने कोरोना और डायबिटीज के संबंधों पर पड़ताल करना शुरू किया।

इंसुलिन उत्पादन करने वाले बीटा सेल पर हमला

शोधकर्ताओं को शुरुआती पड़ताल में यह आभास हो रहा है कि सार्स-कोविड-2 सीधा पैनक्रियाज की कोशिकाओं पर हमला करता है। पैनक्रियाज ही शरीर का वह पार्ट है जो इंसुलिन का उत्पादन करने के लिए उत्तरदायी होता है। डायबिटीज तब होता है जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली इंसुलिन उत्पादन करने वाली कोशिकाओं पर हमला करने लगती है।

आमतौर पर प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर की अंदरुनी सुरक्षा के लिए उत्तरादायी होती है लेकिन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में गड़बड़ी के कारण होता है, जिसमें प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से बीटा सेल यानी इंसुलिन उत्पादन करने वाली कोशिकाओं को अपना शिकार बनाने लगती है। विशेषज्ञों को अब भी इस बात का पता नहीं कि प्रतिरक्षा प्रणाली में गड़बड़ी क्यों होती है लेकिन ताजा रिसर्च से इस बात को बल मिलता है कि क्या वायरल प्रतिरक्षा प्रणाली में गड़बड़ी का कारण है। वैसे यह बात तो साबित है कि कुछ वायरस के कारण शरीर में प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है। हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगा कि कोरोना वायरस ही डायबिटीज का कारण है क्योंकि शोधकर्ताओं ने खुद माना है कि अभी व्यापक रिसर्च किया जाना बाकी है।