कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राजधानी लखनऊ और वाराणसी समेत 4 जिलों के सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों और ऑफिस में 50 प्रतिशत लोगों की उपस्थिति का आदेश दिया है.

देश के अन्य राज्यों में समेत उत्तर प्रदेश में भी कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 4 जिलों में सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों और ऑफिस में 50 प्रतिशत लोगों की उपस्थिति का आदेश दिया है.

योगी सरकार के आदेश के बाद अब ऑफिस में 50 फीसदी लोग ही काम कर सकेंगे. योगी आदित्यनाथ ऑफिस की ओर से ट्वीट कर बताया गया कि मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था बनाई जाए जिसके तहत जनपद लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी तथा कानपुर नगर के सरकारी व निजी प्रतिष्ठानों में एक दिन में 50% कर्मी ही आएं. इस संबंध में रोस्टर बनाकर उसे लागू किया जाए.

यह व्यवस्था बनाई जाए जिसके तहत जनपद लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी तथा कानपुर नगर के सरकारी व निजी प्रतिष्ठानों में एक दिन में 50% कर्मी ही आएं। इस संबंध में रोस्टर बनाकर उसे लागू किया जाए: मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी महाराज

राजधानी लखनऊ और वाराणसी समेत प्रदेश के कई जिलों में कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से योगी सरकार ने यह फैसला लिया है.

11 अप्रैल से टीका उत्सव

इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगामी 11 अप्रैल को महात्मा ज्योतिबा फुले जी की जयंती से लेकर 14 अप्रैल, 2021 को बाबा साहब डॉ. बी.आर. आम्बेडकर जी की जयंती तक, ‘टीका उत्सव’ मनाए जाने का आह्वान किया है. ऐसे में पूरे प्रदेश में ‘टीका उत्सव’आयोजित किया जाएगा. इसमें प्रदेश के लक्षित आयु वर्ग के लोग बढ़-चढ़कर भाग लें. इसके सफल आयोजन के लिए कार्ययोजना बनाई जाए.

नए प्लान के तहत अब कल शनिवार को प्रदेश में कोरोना टीकाकरण का काम नहीं होगा. कल सिर्फ मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताओं में टीकाकरण होगा. यूपी में 11 से 14 अप्रैल तक “टीका उत्सव” कार्यक्रम का आयोजन होगा. कल यानी शनिवार को “टीका उत्सव” कार्यक्रम की ट्रेनिंग दी जाएगी.

प्रदेश में 6 हजार से 8 हजार केंद्रों पर 11 अप्रैल से 14 अप्रैल के बीच में व्यापक स्तर पर टीकाकरण का कार्यक्रम आयोजित होगा और इसे टीका उत्सव के रूप में मनाया जाएगा.

टेस्टिंग को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कोविड-19 के टेस्टिंग कार्य को पूरी क्षमता से संचालित किया जाए. प्रतिदिन 2 लाख कोरोना टेस्ट किए जाएं, कुल टेस्ट में 1 लाख टेस्ट RT-PCR विधि से अवश्य किए जाएं. यह सुनिश्चित किया जाए कि निगरानी समितियां पूरी तरह सक्रिय रहें.