कोरोना संक्रमण के दौर में क्रेडिट कार्ड के जरिये लोगों ने खर्च करना कम कर दिया है. 31 मार्च को खत्म हुए पिछले वित्त वर्ष ( 2021-22) में इसमें गिरावट आई है. वित्त वर्ष 2019-20 में क्रेडिट कार्ड से खर्च में 22.5 फीसदी की ग्रोथ दर्ज हुई थी लेकिन वित्त वर्ष में यह घट कर 7.8 फीसदी पर पहुंच गई थी. बैंकों का कहना है मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान अप्रैल और मई में भी क्रेडिट कार्ड से किए जाने वाले खर्च में कमी दर्ज की गई है.

बैंक क्रेडिट कार्ड के नए ग्राहक बनाने पर नहीं दे रहे जोर 

एक प्राइवेट सेक्टर बैंक के मुताबिक लॉकडाउन और कोरोना पाबंदियों की वजह से पिछले 45 दिनों में क्रेडिट कार्ड से किए जाने वाले खर्चे में कमी दर्ज की गई है. बैंकों का कहना है कि इससे क्रेडिट कार्ड सेगमेंट की गुड एसेट क्वालिटी (क्रेडिट कार्ड) में गिरावट आई है.  लॉकडाउन और दूसरी पाबंदियों की वजह से लोगों की खर्च करने की रफ्तार घटी है, इसलिए वे क्रेडिट कार्ड के नए ग्राहक जोड़ने पर ज्यादा जोर नही दे रहे हैं.

लॉकडाउन से टूरिज्म, एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के कंज्यूमर घटे 

इंडस्ट्री सूत्रों के मुताबिक 31 मार्च, 2021 को खत्म हुई तिमाही में क्रेडिट कार्ड से होने वाले खर्च में दस फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई थी. जबकि नए क्रेडिट कार्ड में आठ फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी. हालांकि यह लो-बेस का इफेक्ट था. हालांकि सिक्वेंसियल आधार पर खर्चा सिर्फ क्रेडिट कार्ड के जरिये खर्चा चार फीसदी बढ़ा. दरअसल लोगों की से सैर और टूरिज्म में कमी, मनोरंजन के लिए घर से बाहर न निकलने और दूसरी चीजों पर खर्च करने की रफ्तार कम हो गई है. इसकी वजह से क्रेडिट कार्ड से खर्च में कमी दर्ज की गई  है. बैंक सूत्रों का कहना है कि चूंकि क्रेडिट कार्ड अन-सिक्योर्ड पोर्टफोलियो में होते हैं इसलिए जोखिम बढ़ता है.