भारत में कोरोना संक्रमण की स्थिति भयावह होती जा रही है. कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए भारत की मदद के लिए विदेशों से भी हाथ उठने लगे हैं. इस बीच रूस ने मदद के लिए दो जहाज भेजे हैं. दोनों जहाज दिल्ली एयरपोर्ट पर उतर चुका है. दोनों जहाजों में रूस की ओर से कोरोना मरीजों के लिए भारी मात्रा में ऑक्सीजन, 75 वेंटिलेटर, 150 बेड साइड मॉनिटर और फैबिपिराविर दवाइयां भेजी गई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है.

इस बीच प्रधनामंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच भारत में बिगड़ती कोरोना वायरस की स्थिति पर बात की. पुतिन ने कहा कि मैं हर संभव भारत की मदद करुंगा.

बता दें कि रूस की स्पुतनिक-वी वैक्सीन मई महीने में भारत पहुंचना शुरू हो जाएगी. स्पुतनिक-वी वैक्सीन का भारत में उत्पादन भी किया जाएगा. वहीं रूसी राजदूत ने पिछले साल भारत की मदद को याद किया.

उन्होंने कहा कि पिछले साल महामारी के शुरूआती दौर में भारत ने अपनी दोस्ती का परिचय देते हुए रूस को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की इमरजेंसी सप्लाई की थी हमने उस मदद को याद रखा था.

रूसी राजदूत ने कहा कि मुश्किल वक्त में एक-दूसरे की मदद करके ही हम लोग इस महामारी को हरा सकते हैं. उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि हमारी ओर से भेजी गई मदद कोरोना से लड़ाई में भारत सरकार के लिए लाभदायक होगा.