महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने कोरोना संकट से जूझ रहे आम लोगों को राहत देने की मांग की है. उन्होंने इस संबंध में पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है.

मुंबई: मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने कोरोना महामारी (Corona Epidemic) से जूझ रही महाराष्ट्र (Maharashtra) की जनता को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को पत्र लिखा है. सीएम ठाकरे ने कहा है कि इस बार कोरोना की लहर काफी खतरनाक है, ऐसे में जनता को राहत देने के लिए दोनों सरकारों को मिलकर कई कदम उठाने होंगे.

‘स्थगित की जाए GST रिटर्न’ 

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने पीएम मोदी से मांग की कि मार्च महीने की GST रिटर्न भरने की अवधि सभी छोटे करदाताओं के लिए तीन महीने आगे बढ़ा दी जाए. सीएम ठाकरे कहा कि कोरोना महामारी (Corona Epidemic) को काबू में करने के लिए राज्य में मिनी लॉकडाउन लगा दिया गया है. ऐसे में राज्य के वंचित तबकों को इस दौरान राहत देने के लिए कोरोना महामारी को प्राकृतिक आपदा घोषित किया जाए. साथ ही राज्य सरकार को स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड (SDRF) को गरीब लोगों की मदद में इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार SDRF में अपने हिस्से की पहली किश्त तुरंत जारी करे, जिससे जनता तक उसका लाभ जल्द पहुंचाया जा सके.

‘3 महीने का ब्याज माफ करें बैंक’

सीएम ने कहा कि राज्य के बहुत सारे छोटे-बड़े उद्यमियों ने बिजनेस के सिलसिले में बैंकों से बड़ी मात्रा में लोन ले रखा है. अब कोरोना महामारी का प्रकोप बढ़ जाने की वजह से उनके काम-धंधे प्रभावित हो चुके हैं और वे किश्त चुकाने की स्थिति में नहीं रह गए हैं. ऐसे में केंद्र सरकार, बैंकों को आदेश जारी करे कि वे पहली तिमाही में किश्त वसूली को स्थगित करें और इस दौरान लगने वाले ब्याज को पूरी तरह माफ कर दें. जिससे संकट से उबरने के बाद लोग फिर से सारा लोन चुका सकें.

राज्य में ब्रेक द चेन अभियान शुरू

पीएम मोदी को पत्र लिखने से पहले महाराष्ट्र में मिनी लॉकडाउन की घोषणा करते हुए सीएम उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने कहा था कि अगर पाबंदियां नहीं लगाई गईं तो राज्य में हालात बेकाबू हो जाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने राज्य में 14 से 30 अप्रैल तक ब्रेक द चेन अभियान (Break the Chain Campaign) शुरू करने का ऐलान कर दिया था. इस दौरान रात 8 बजे से पूरे राज्य में अगले 15 दिनों तक धारा 144 यानी बिना जरूरत के आना-जाना प्रतिबंधित रखा गया है.

महाराष्ट्र में क्या खुला है? 

– राज्य में अगले 15 दिन तक सुबह सात से रात आठ बजे तक सिर्फ अत्यावश्यक सेवाएं चालू हैं.
– अस्पताल, क्लीनिक, डायग्नोस्टिक सेंटर्स, मेडिकल इंश्योरेंस ऑफिस, मेडिकल स्टोर, फार्मा कंपनी अन्य मेडिकल हेल्थ सर्विसेज जारी हैं.
– पब्लिक ट्रांसपोर्ट: हवाई सेवाएं, लोकल ट्रेन, बस, ऑटो-टैक्सी चालू रहेंगे लेकिन इनमें सिर्फ अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को आने-जाने की इजाजत है.
– वेटनरी सर्विस, एनिमल केयर शेल्टर और पेट फूड शॉप खुली हैं.
– ग्रॉसरी, सब्जी की दुकान, फल की दुकान, डेयरी, बेकरी और खाने संबंधी अन्य दुकानें खुली हैं.
– अन्य देशों के डिप्लोमैट संबंधी दफ्तर भी खुले हैं.
– प्री मानसून गतिविधियां भी जारी हैं.
– बैंक संबंधी सभी सेवाएं जारी हैं.
– बैंकिंग और ई-कॉमर्स (केवल जरूरी सामानों के लिए) सेवाएं जारी हैं.
– होटल, बार, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट शॉप टेक-अवे और होम डिलीवरी के लिए खुले रहेंगे. वहां बैठकर खा नहीं सकते.
– कंस्ट्रक्शन साइटों पर मजदूरों के रहने की व्यवस्था के निर्देश, जिससे उनका आना-जाना कम हो जाए.
– मीडिया संबंधी सभी सेवाएं जारी हैं.
– पेट्रोल पंप, कार्गो सर्विस और आईटी संबंधी सेवाएं जारी हैं.

ये चीजें बंद रखी गई हैं

– राज्य में 15 दिन तक धारा 144 लागू रहेगी, बिना जरूरत के कहीं भी आना जाना बंद.
– सिनेमा हॉल, थिएटर, एम्यूजमेंट पार्क, वीडियो गेम पार्लर आदि बंद.
– जिम, स्वीमिंग पूल, क्लब और स्पोर्ट कॉम्पलेक्स बंद.
– फिल्मों, एड, सीरियल्स की शूटिंग बंद.
– स्पा, सलून, ब्यूटी पार्लर आदि बंद.
– सभी धार्मिक स्थल बंद.
– सभी स्कूल और कॉलेज बंद.

ये पाबंदियां भी रहेंगी

– धार्मिक, पोलिटिकल और सोशल एक्टिविटीज की अनुमति नहीं.
– शादी समारोहों में सिर्फ 25 लोगों के शामिल होने की अनुमति.
– अंतिम संस्कार में 20 लोगों के शामिल होने की अनुमति.