देश में निकट भविष्य में कनेक्टेड कारें (इंटरनेट से जुड़ी) काफी तेजी से बढ़ेंगी। परामर्शक कंपनी ईवाई की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वाहन कानूनों में सुधार और उद्योग का अनुपालन बढ़ने से देश में कनेक्टेड फीचर वाले वाहन ‘आम हो जाएंगे।

ईवाई इंडिया की रिपोर्ट ‘द कार इज कनेक्टेड नॉउ, बट आर वी सेफ? में कहा गया है कि जीपीएस ट्रैकिंग, डैश कैमरा, टेलीमैटिक्स-आधारित बीमा और एसओएस सेवाओं की वजह से कनेक्टेड कार समाधानों की मांग बढ़ेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि कनेक्टेड कार उद्योग को साइबर सुरक्षा के लिए एक रूपरेखा बनानी होगी। उद्योग को अवधारणा से लेकर उत्पादन और परिचालन तक के लिए एक उचित प्रक्रिया विकसित करनी होगी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘निकट भविष्य में भारत में कनेक्टेड कारें आम बात होंगी। अगले कुछ साल के दौरान व्यापक स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की वजह से ऐसी कारों की जरूरत बढ़ेगी। कनेक्टिविटी फीचर्स से वाहन मालिक निकट के चार्जिंग स्टेशनों की जानकारी पा सकेंगे और उनकी टेलीमैटिक्स डेटा तक पहुंच सुनिश्चित होगी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वाहना कानूनों में बढ़ोतरी और नेविगेशन, रीमोट डायग्नॉस्टिक्स जैसे सुविधाजनक फीचर्स को लेकर उद्योग के अनुपालन से कनेक्टेड कार बाजार आगे बढ़ेगा। ईवाई इंडिया के भागीदार और वाहन क्षेत्र के लीडर विनय रघुनाथ ने कहा कि अगले दौर की अत्याधुनिक कनेक्टेड प्रौद्योगिकी में निवेश के जरिये मूल उपकरण विनिर्माताओं (ओईएम) के पास ग्राहकों की बदलती पसंद को पूरा करने का अवसर होगा।