कांग्रेस ने कहा कि सरकार को इन महत्वपूर्ण प्रश्नों के जवाब देने होंगे कि निशुल्क कोरोना वैक्सीन ‘किसे’, ‘कैसे’ और ‘कहां’ मिलेगी और कितने लोगो को फ्री में लगेगा टिका. इसके साथ ही भारत के लिए कोविशील्ड की खुराक महंगी क्यों?

कोरोनावायरस (Coronavirus) महामारी पर अंतिम प्रहार के लिए देश में टीकाकरण कार्यक्रम शुरू हो चुका है. साथ टीकाकरण को लेकर राजनीति भी शुरू होते नजर आ रही है. कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरते हुए पूछा है कि देश में कितने लोगों को, कहां से मुफ्त वैक्सीन मिलेगी. साथ ही प्रेस हवाला देते हुए कोरोना वैक्सीन की कीमत पर भी सवाल उठाया गया है. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि आजादी के बाद कांग्रेस सरकार ने वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा दिया और कई देशव्यापी टीकाकरण अभियान शुरू किए ताकि गंभीर बीमारियों से लड़ा जा सके.

सुरजेवाला ने रविवार को प्रेस वार्ता ने कहा, मैं टीकाकरण और स्वदेशी वैक्सीन उत्पादन नीति की कुछ उपलब्धियां बताऊंगा. पहला, हमने राष्ट्रीय ट्यूबरकुलोसिस नियंत्रण कार्यक्रम (1962), राष्ट्रीय चेचक उन्मूलन कार्यक्रम (1962) समेत कई कार्यक्रम शुरू किए. 2011 में देश को ‘पोलियो-मुक्त’ बनाया. आज से पहले वैक्सीन का विकास और टीकाकरण कभी ‘ईवेंट’ या ‘प्रचार प्रसार’ का स्टंट नहीं बना.

साथ ही आपको बता दे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा सरकार को इन महत्वपूर्ण प्रश्नों के जवाब देने होंगे कि निशुल्क कोरोना वैक्सीन ‘किसे’, ‘कैसे’ और ‘कहां’ मिलेगी. भारत के ड्रग कंट्रोलर के अनुसार, सरकार ने वैक्सीन की 16.5 मिलियन (165 लाख) खुराकें (55 लाख कोवैक्सीन एवं 1.1 करोड़ कोविशील्ड) मंगाई हैं. हर व्यक्ति को 2 खुराक दिए जाने पर यह वैक्सीन 82.50 लाख डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मियों को ही दी जा सकेगी, जबकि मोदी सरकार दावा कर रही है कि पहले राउंड में वैक्सीन 3 करोड़ लोगों को दी जाएगी.