कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्यसभा में वक्तव्य देने के बाद सोमवार को उन पर किसानों एवं देश के लोगों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने सिर्फ ‘राजनीतिक तकरीर’ की लेकिन समस्या के समाधान को लेकर कोई बात नहीं की.पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री ने तीनों नए कृषि कानूनों को लेकर उठाए गए मुद्दों पर बात करने की बजाय, बिना तथ्य के बातें कर सदन को गुमराह करने का प्रयास किया.प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलनरत किसानों से अपना आंदोलन समाप्त कर कृषि सुधारों को एक मौका देने का आग्रह करते हुए कहा कि यह समय खेती को ‘‘खुशहाल” बनाने का है और देश को इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए.

पार्टी के राज्यसभा सदस्य शक्ति सिंह गोहिल ने दावा किया, ‘‘दुख के साथ कहना पड़ता है कि जिस तरह से प्रधानमंत्री ने जवाब दिया है उससे देश के लोगों को शर्म आती है. क्या प्रधानमंत्री के पद पर बैठे व्यक्ति को संसद के भीतर मजाकिया बातें करनी चाहिए? प्रधानमंत्री ने विश्वासघात किया है. वह कम से कम ‘शहीद’ किसानों के लिए दो शब्द कह सकते थे.”
उन्होंने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री ने चीन के बारे में एक भी शब्द नहीं बोला. गरीब और मजदूर की भी उन्होंने कोई बात नहीं की. उनके भाषण में देश को लेकर कोई चिंता नहीं थी, इसलिए हमने भाषण के बाद सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया था.”कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री के वक्तव्य के बाद हरियाणा और समूचे उत्तर भारत में निराशा है तथा अब लगता है कि किसानों को आगे लंबा संघर्ष करना पड़ेगा.