देश में आजादी की 75वीं जयंती पर ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ शुरू हो चुका है. इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने बजट भाषण में देश के बुजुर्गों को इसकी सौगात दे चुकी हैं. अब देश में 75 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को आयकर रिटर्न दाखिल करने से आजादी होगी.  ऐसे बुजुर्ग जो पेंशन या ब्याज से पैसा कमाते हैं, उन्हें अब आयकर रिटर्न दाखिल नहीं करना होगा. आयकर रिटर्न दाखिल करने से ये छूट केवल तब मिलेगी जब ब्याज की आय उसी बैंक में अर्जित की जाती हो जिसमें पेशन आती हो.

देश में  एक अप्रैल से नई वेतन संहिता लागू हो रही है. इसके चलते आपके कुल वेतन का 50% अब मूल वेतन होगा, जिसकी वजह से पीएफ में आपका अंशदान बढ़ेगा और इससे आपकी इन हैंड सैलरी कम हो सकती है. वैसे अगर आपका नियोक्ता चाहे तो इसके बदले में आपका सीटीसी भी बढ़ा सकता है.

सरकार ने एक बड़ा बदलाव पीएफ में जमा की जाने वाली बचत के लिए किया है. अब पीएफ में सालाना 5 लाख रुपये से अधिक बचत करने वालों को ब्याज से होनी वाली आय पर कर देना होगा. उनकी 5 लाख से ऊपर जो भी बचत होगी उससे ब्याज की आय पर कर लगेगा. 5 लाख तक की छूट सिर्फ उन लोगों के लिए है जिनके पीएफ में एम्प्लॉयर का कोई योगदान नहीं है.

देश में एक अप्रैल से अब उन व्यापारियों के लिए B2B लेनदेन के लिए ई-वे बिल अनिवार्य हो जाएगा जिनका टर्नओवर 50 करोड़ रुपये वार्षिक है. अभी ये सीमा 100 करोड़ रुपये है.

कोविड संक्रमण के चलते लगे यात्रा प्रतिबंधों को देखते हुए सरकार ने पिछले साल लोगों को LTC यानी अवकाश यात्रा रियायत योजना के तहत कर छूट दी थी.  एलटीसी पर ये कर छूट 31 मार्च 2021 को समाप्त हो रही है.

बजट 2021-22 में सरकार ने घोषणा की है कि जो लोग अपना टैक्स रिटर्न  नहीं दाखिल करते हैं उनके लिए बैंक डिपॉजिट पर टीडीएस की दोगुनी दर लगेगी. इसका मतलब ये हुआ कि यदि कोई व्यक्ति आयकर के दायरे में नहीं आता तब भी रिटर्न दाखिल नहीं करने पर उसके बैंक डिपॉजिट पर दोगुना टीडीएस लगेगा.

जिन बैंकों के पुराने चेकबुक, IFSC कोड इत्यादि 1 अप्रैल से इनवैलिड हो जाएंगे. उनमें देना बैंक, विजया बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, आंध्रा बैंक, कॉरपोरेशन बैंक और इलाहाबाद बैंक हैं. इन बैंकों के विलय के बाद अब 31 मार्च के बाद से इनकी पुरानी चेकबुक नहीं चलेंगी.