केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को किसान आंदोलन से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई करते हुए.
अदालत ने यह बात साफ साफ कह दी की आंदोलन से किसानो की जान जा रही है. इस बात पर सरकार इन कानूनों पर पर रोक लगाएगी या हम अपना कदम उठाये.

1. किसानो के आंदोलन को लगभग 50 दिन हो चुके है.

2. किसानो से बातचीत करने की तारीख 15 जनवरी को फिर दिया गया है.

3. इसी बीच करनाल मामले में किसानो के ऊपर FIR दर्ज किया गया है.

4. वही सुप्रीम कोर्ट ने किसानो के याचिका पर सुनवाई जारी कर दी है.

सरकार को लगी फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने किसानो के दलील पर सुनवाई के बाद कहा की सरकार की ये दलीले नहीं चलेग. इसे किसी दूसरी सरकार
(पार्टी) ने लागु की थी. तो फिर आप कैसे इसका हल निकल सकते है. सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा की 41 किसान संगठन कानून वापसी की मांग कर रहे है. नहीं वापसी लेने पर आंदोलन जारी करने को कह रहे है.

चीफ जस्टिस ने कहा की अभी तक मेरे पास ऐसी कोई भी दलील नहीं आई जिसमे इस कानून की सराहना की हो अदालत ने कहा की हम किसान मामले में एक्सपर्ट नहीं है क्या आप इन कानूनों को रोकेंगे या हम अपना इस बारे मे कदम उठाये लोग, मर रहे है, बिन खाये पिए प्रदर्शन कर रहे है उनका ख्याल रखने वाला कौन है.

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि हमें नहीं पता कि महिलाओं और बुजुर्गों को वहां क्यों रोका जा रहा है, इतनी ठंड में ऐसा क्यों हो रहा है. हम एक्सपर्ट कमेटी बनाना चाहते हैं, तबतक सरकार इन कानूनों को रोके वरना हम एक्शन लेंगे.