कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन का आज 40वां और अहम दिन है। वहीं सरकार और किसानों के बीच बातचीत का आज 8वां दौर है। मीटिंग में सरकार की तरफ से कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेल मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य राज्य मंत्री सोम प्रकाश मौजूद हैं। इस दौरान उन्होंने 2 मिनट का मौन रखकर आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों को श्रद्धांजलि भी दी।

न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक किसानों को समझाने के लिए सरकार कानूनों के हर क्लॉज पर चर्चा कर सकती है, साथ ही मीटिंग में जाने से पहले कृषि मंत्री ने कहा कि आज पॉजिटिव सॉल्यूशन की उम्मीद है। वहीं किसान नेताओं ने कहा की सरकार ने मांगें नहीं मानी तो प्रदर्शन तेज किया जाएगा। हर बार की तरह इस बार भी किसान अपना खाना खुद ही लाए। करीब 200 लोगों का खाना लंगर से विज्ञान भवन पहुंचाया गया। पिछली मीटिंग में केंद्रीय मंत्रियों ने किसानों के साथ ही खाना खाया था।

ज्ञात हो की 30 दिसंबर की पिछली मीटिंग में सरकार के साथ वार्ता के दौरान 2 मुद्दों पर सहमति बनी थी। दोनों मुद्दों कुछ इस प्रकार हैं

1. पराली जलाने पर केस दर्ज नहीं होंगे: अभी 1.करोड़ रुपए जुर्माना और 5 साल की कैद का प्रोविजन है। सरकार इसे हटाने को राजी हुई।

2. बिजली अधिनियम में बदलाव नहीं: किसानों को आशंका है कि इस कानून से बिजली सब्सिडी बंद होगी। अब यह कानून नहीं बनेगा।

हालाकीं कया़स यह लगाया जा रहा है की किसानों के दो मुद्दों पर सहमति बन जाने से किसानों के रुख में थोडी़ नरमी आई है.