दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। अक्सर छोटे बच्चे शाम अथवा रात में सोते समय पैरों और घुटनों में दर्द की शिकायत करते हैं। इस दर्द को ग्रोइंग पेन कहते हैं। आमतौर पर यह दर्द केवल बच्चों को होता है। हालांकि, कई अवसर पर ऐसा भी देखा जाता है कि बड़े भी ग्रोइंग पेन से गुजरते हैं। सामन्यतः यह दर्द 4 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चे को होता है। इस अवस्था में पैरों की पिंडलियों में दर्द होता है  । यह दर्द कभी हल्का तो कभी तेज होता है। कई मौके पर बच्चे दर्द को सह नहीं पाते हैं और रोने लगते हैं। ऐसी स्थिति में माता-पिता परेशान हो जाते हैं। अगर आपको ग्रोइंग पेन के बारे में नहीं पता है, तो आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं-

ग्रोइंग पेन क्या है

ग्रोइंग पेन को लेकर लोग असमंसज में रहते हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि बच्चे दिनभर उछलते-कूदते रहते हैं। इस वजह से उनके पैरों में दर्द होता है। ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है। बच्चे के पैर में दर्द हड्डी के विकास की वजह से भी होता है। ऐसे में यह बात गांठ बांध लें कि बच्चों को खेलने से न रोकें।

ग्रोइंग पेन के लक्षण

बच्चे के घुटनों और पैरों की पिंडलियों में दर्द होता है। यह दर्द लगभग सभी बच्चों को होता है। किसी को हल्का तो किसी को तेज होता है। जबकि कुछ बच्चों को दर्द का एहसास नहीं होता है। साथ ही बच्चे को चलने में तकलीफ होती है। पैरों में सूजन हो सकता है। ग्रोइंग पेन रोज नहीं होता है।

ग्रोइंग पेन के उपाय

इसके लिए आप डॉक्टर की मदद लें। डॉक्टर ब्लड टेस्ट और एक्स रे कर इलाज करते हैं। अगर लक्षण समान्य हैं, तो आप कुछ घरेलू उपाय भी अपना सकते हैं।

मालिश करें

दादी-नानी इसलिए बच्चे की मालिश करती हैं। इससे उनका शारीरिक विकास होता है। साथ ही ग्रोइंग पेन की समस्या भी दूर होती है। आप चाहे तो बच्चे के पैरों की मालिश रोजाना कर सकते हैं।

विटामिन-सी युक्त चीज़ें खिलाएं

जैसा कि हम सब जानते हैं कि खट्टे फल और सब्जियों में विटामिस-सी पाया जाता है। इसके सेवन से दर्द में आराम मिलता है। साथ ही बच्चे को एक्सरसाइज करने की जरूर सलाह दें।

डिस्क्लेमर: स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।