जम्‍मू-कश्‍मीर की आधिकारिक भाषा को लेकर संसद में पास किए गए बिल, जिसमें पंजाबी का उल्‍लेख नहीं है.इस बात से अब माथापच्ची शुरू हो गयी है.चार महीने बाद CM अमरिंदर सिंह ने इस मामले में प्रधमंत्री को दखल लेने का आग्रह किया है. अमरिंदर ने इस मामले में पीएम को लेटर लिखा है और महाराजा रंजीत सिंह के काल से इस क्षेत्र से पंजाबी समुदाय का ऐतिहासिक संबंध का हवाला दिया है, उन्‍होंने भाषाओं की सूची में पंजाबी को भी शामिल किए जाने का आग्रह किया है.

इस कदम की पंजाबी समुदाय ने आलोचना की थी. कांग्रेस, ‘आप’ और शिरोमणि अकाली दल ने इसके लिए बीजेपी को आड़े हाथ लेते हुए इसे ‘अल्‍पसंख्‍यक विरोधी कदम’ बताया था.बता दें सितंबर माह में संसद के दोनों सदनों ने जम्‍मू एंड कश्‍मीर लेंग्‍वेजेज बिल पास किया था जिसमें कश्‍मीरी, डोंगरी और हिंदी के अलावा उर्दू और इंग्लिश भी शामिल हैं.इसी बिल को लेकर पंजाब के सीएम ने अपने पत्र में केंद्रीय गृह मंत्रालय समीक्षा करने की बात कही है.