सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड एक लंबे समय का निवेश है। इसका मैच्योरिटी पीरियड 8 साल का है। लेकिन आप 5 वें साल से इसको भुना सकते हैं जब आप इसको भुनाएंगे तब आपको क्या कीमत मिलेती ये उस वक्त मार्केट में गोल्ड के भाव पर निर्भर करेगा।

1 फरवरी का दिन गजब का एक्शन पैक्ड रहने वाला है। एक तरफ वित्त मंत्री देश का बजट पेश करेंगी। दूसरी ओर तमाम चीजों के लिए नियम बदल जाएंगे, तो साथ ही आपके पास सस्ते में सोना खरीदने का एक शानदार मौका भी मिलेग। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की 11वीं सीरीज 1 फरवरी से निवेश के लिए खुल रही है। इसमें आप 5 फरवरी तक निवेश कर सकेंगे।

11वीं सीरीज में गोल्ड बॉन्ड के लिए इश्यू प्राइस 4912 रुपये प्रति ग्राम यानी 49120 रुपये प्रति 10 ग्राम तय किया है. अगर ऑनलाइन आवेदन करते हैं तो प्रति ग्राम पर 50 रुपये की छूट भी मिलेगी। ऑनलाइन इन्वेस्टर्स के लिए इश्यू प्राइस 4862स रुपये प्रति ग्राम यानी 48620 रुपये प्रति 10 ग्राम होगा. सरकार सॉवरेन गोल्ड बांड की यह सीरीज तब लेकर आई है, जब सोना अपने उच्चतम स्तर से करीब 7000 रुपये कम कीमत पर मिल रहा है. शुक्रवार को सोना 49100 रुपये पर बंद हुआ था।

इसके पहले जारी हुए सीरीज 10 के गोल्ड बॉन्ड के लिए इश्यू प्राइस 5104 रुपये प्रति ग्राम था. यह इश्यू 11 जनवरी से 15 जनवरी तक सब्सक्रिप्सन के लिए खुला थ। आरबीआई ने कहा है कि बॉन्ड का नॉमिनल वैल्यू 4912 रुपये तय हुआ है।
बॉन्ड का मूल्य इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन लिमिडेट (IBJA) द्वारा दी गई 27 से 29 जनवरी के बीच 999 शुद्धता वाले गोल्ड के औसत क्लोजिंग प्राइस के आधार पर तय की गई है. यानी इस सीरीज में सोना पिछली सीरीज के मुकाबले आपको सस्ता मिल रहा है।

गोल्ड बॉन्ड मैच्योरिटी पर यह टैक्स फ्री होता है. वहीं इसमें एक्सपेंस रेश्यो कुछ भी नहीं है। भारत सरकार की गारंटी होती है इसलिए डिफॉल्ट का खतरा नहीं होता है। यह HNIs के लिए भी बेहतर विकल्प है, जहां इसमें मैच्योरिटी तक होल्ड करने में कैपिटल गेंस टैक्स नहीं देना होता है. इक्विटी पर 10 फीसदी कैपिटल गेंस टैक्स लगता है। ऐसे में लंबी अवधि के निवेश विकल्पों में यह बेहतर साबित हो रहा है। फिजिकल गोल्ड की बजाए गोल्ड बांड को मैनेज करना आसान और सेफ होता है।
इसमें प्योरिटी का कोई झंझट नहीं होता और कीमतें सबसे शुद्ध सोने के आधार पर तय होती हैं। इसमें एग्जिट के आसान विकल्प हैं।
गोल्ड बॉन्ड के अगेंस्ट लोन की सुविधा भी मिलती है।

अगर आप सॉवरेज गोल्ड बॉन्ड में निवेश करना चाहते हैं तो आपके पास PAN होना जरूरी है. इसे आप सभी कमर्शियल बैंक (RRB, छोटे फाइनेंस बैंक, पेमेंट बैंक को छोड़कर), डाकघर, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SHCIL), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) या सीधे एजेंट्स के जरिए आवेदन कर सकते हैं. इन बॉन्ड्स की सेटलमेंट डेट 9 फरवरी 2021 तक की गई है।

इस स्कीम के तहत आप कम ये कम 1 ग्राम और ज्यादा से ज्यादा 500 ग्राम सोने की खरीद कर सकते हैं. खास बात ये है कि Gold Bond में निवेश करने से आपको टैक्स छूट भी मिलती है. गोल्ड बॉन्ड में आपको सरकार सालाना 2.5 परसेंट का ब्याज भी देती है. यानी आपको सोने की बढ़ती कीमतों के अलावा ब्याज भी अलग से मिलता है. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में एक वित्त वर्ष में एक व्यक्ति अधिकतम 400 ग्राम सोने के बॉन्ड खरीद सकता है. वहीं न्यूनतम निवेश एक ग्राम का होना जरूरी है. वहीं HUFs एक वित्त् वर्ष में 4 किलोग्राम तक निवेश कर सकेंगे, जबकि ट्रस्ट इसमें 20 किलोग्राम तक निवेश कर सकेंगे।