वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट की तैयारी के सिलसिले में सोमवार से उद्योग संगठनों और विशेषज्ञों के साथ बजट-पूर्व चर्चा के लिए बैठकें शुरू की। इस सिलसिले में आज पहली बैठक उद्योग चैंबर सीआईआई से जुड़े प्रमुख उद्योगपतियों के साथ हुई. यह बैठक वर्चुअली हुई है

CII ने कहा कि बजट प्रस्तावों का फोकस जीडीपी ग्रोथ के साथ ही राजकोषीय प्रबंधन पर होना चाहिए. CII के प्रेसिडेंट उदय कोटक ने कहा कि सरकार को अपने खर्चों के लिए बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था के टिकाऊपन को प्राथमिकता देनी होगी. बजट को निजी निवेश बढ़ाने और रोजगार सृजन के लिए समर्थन मुहैया कराने जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों का समाधान करने वाला होना चाहिए।

सीआईआई ने वित्त मंत्री से कहा है कि सरकार को शेयर बाजार के रास्ते अगले 12 महीनों में सरकारी बैंकों में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 50 फीसदी से नीचे लाना चाहिए. सिर्फ तीन-चार बड़े बैंकों जैसे भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक को इस विनिवेश से मुक्त
रखा जा सकता है।

इस दौरान कंफडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (CII) के प्रतिनिधिनिमंडल ने मांग की है कि सरकारी कंपनियों का विनिवेश और मौद्रीकरण आक्रामक तरीके से किया जाए ताकि सरकारी राजस्व में इजाफा हो सके. इसके अलावा सीआईआई ने बैंकों में भी सरकार की हिस्सेदारी घटाकर 50 फीसदी से नीचे लाने की मांग की है. सीआईआई ने कहा कि सरकार के घटे कर राजस्व को देखते हुए यह जरूरी है।