वित्त मंत्रालय ने रविवार को एक ट्वीट में यह जानकारी दी है. कोरोना संकट की वजह से इस साल बजट के पहले की सभी ऐसी चर्चाएं ऑनलाइन की जाएंगी. सरकार ने आम लोगों से भी बजट के बारे में सुझाव मांगे थे। वित्त वर्ष 2021-22 का आम बजट 1 फरवरी को पेश किया जा सकता है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट की तैयारी के सिलसिले में सोमवार से विभिन्न उद्योग संगठनों और विशेषज्ञों के साथ बजट-पूर्व चर्चा के लिए बैठकें शुरू करेंगी। ऐसी पहली बैठक आज देश के कई शीर्ष उद्योगपितयों के साथ होगी। यह बैठक वर्चुअली होगी।

सबसे पहले तो यह जान लें कि बजट क्या होता है? असल में सरकार हर साल (आमतौर पर 1 फरवरी) को देश का बजट पेश करती है. इसमें इस बात का पूरा लेखा-जोखा होता है कि वित्त वर्ष यानी अप्रैल से लेकर अगले मार्च तक सरकार की आमदनी कहां से होगी और खर्च कहां-कहां होगा? यानी पैसा कहां से, कितना आएगा और कहां जाएगा?

बजट तैयार करने से पहले वित्त मंत्री देश के सभी प्रमुख सेक्टर के लोगों की राय लेती हैं. उद्योग चैंबर्स, किसान संगठन, विभिन्न तरह के कारोबार से जुड़े संगठन, कर्मचारी संगठन, राजनीतिक दल आदि सभी वित्त मंत्री के सामने अपनी सलाह रखते हैं. इस तरह सभी पक्षों की राय, प्रधानमंत्री, विभिन्न मंत्रालयों और मंत्रिमंडल की सलाह लेने के बाद वित्त मंत्री सालाना बजट तैयार करती हैं

खासकर मध्यम वर्ग के वेतनभोगी लोगों को बजट का खास इंतजार रहता है, क्योंकि उन्हें इनकम टैक्स में सरकार से राहत की उम्मीद होती है. बजट में ही ​यह बताया जाता है कि अगले वित्त वर्ष के लिए टैक्स स्लैब या टैक्स की दरें क्या होंगी? इसके अलावा कई तरह के टैक्सेज से इस बात का अंदाजा लगता है कि कौन-सा सामान आगे सस्ता हो सकता है और कौन-सा महंगा?