केंद्रीय राजस्व खुफिया निदेशालय में सेवा दे रहे समीर दनयनदेव वानखेड़े अब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के संग कार्य करेंगे। हाल ही मेंं केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने अधिकारी समीर दनयनदेव वानखेड़े को 6 महीने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का हिस्सा बना दिया है। कहा जा रहा है कि शायद सुशांत केस के ड्रग एंगल की जांच समीर दनयनदेव वानखेड़े कर सकते हैं। केंद्रीय वित्त मंत्रालय की और से कहा गया है कि डीआरआई यानी केंद्रीय राजस्व खुफिया निदेशालय के अधिकारी समीर दनयनदेव वानखेड़े 6 महीने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में सेवा देने वाले हैं। समीर वानखड़े महाराष्ट्र और गोवा जोन में फिलहाल जोनल डायरेक्टर हैं और ये ड्रग्स से जुड़े मामलों के विशेषज्ञ माने जाते हैं।

2008 बैच के आईआरएस (IRS) अधिकारी समीर वानखेड़े को सुपर सिंघम पुलिस कहा जाता है। क्योंकि ये सिंघम जैसा काम करते हैं। मुंबई में केंद्रीय राजस्व खुफ़िया निदेशालय को जॉइन करने से पहले ये केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए (NIA ) में कार्यरत थे और एनआईए के वरिष्ठ अधिकारी इन्हें ‘सिंघम’ कहकर बुलाते थे। जिसकी वजह से इनको सिंघम नाम दिया गया है। वहीं अब ये सुशांत सिंह मौत मामले के ड्रंग एंगल की जांच करेंगे।