पिछले दिनों के महाराष्ट्र में एक घटना हुई थी। महाराष्ट्र के भंडारा जिला अस्पताल में आग लगने से 10 बच्चों का दम घुटने से मौत हो गयी थी। आग अस्पताल के चाइल्ड वार्ड ICU में लगी थी। बता दे उस वार्ड में कुल 11 बच्चों को रखा गया था। जिसमे 10 बच्चों ने दम तोड़ दिया था। बच्चों के शरीर बिलकुल काले पद गए थे। ऐसा लग रहा था मानो काफी समय से बच्चे धुएं में रहे हो।

10 नवजातों की मौत पर भंडारा जिला में आज बीजेपी में ने बंद रखने का आह्वान किया है। भंडारा से बीजेपी सांसद सुनील मेंधे ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि पार्टी चाहती है कि या तो इस हादसे की न्यायिक जांच हो या फिर रिटायर्ड जज द्वारा इसकी जांच कराई जाए.भारतीय जनता पार्टी ने कहा की ऐसा हम सरकार और जनता का ध्यान खींचने के लिए किया जा रहा ताकि सरकार इस मुद्दे को हल्के में ना ले और गलती करने को कड़ी से कड़ी सजा सुनाई जाए।

बता दें कि अस्पताल के जिस वार्ड में आग लगी उसमें 17 बच्चे थे. बचाव टीम ने बामुश्किल 7 बच्चों को बाहर निकाला। मृतक बच्चोंन के परिजन ने सरकार और अस्पताल कर्मी पर आरोप लगाते हुए कहा की जब वार्ड में आग लगी थी उस वक़्त वार्ड में कोई नहीं था। जबकि उस वार्ड में नर्सों को होने चाहिए थे।

महाराष्ट्र सरकार ने पीड़ित परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि इस हादसे के दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.इस बात पर भी बीजेपी ने राजनीती रंग देते हुए कहा की क्या 5 लाख से कोख सुनी माताओं के बच्चे वापिस आ जायेंगे। बीजेपी ने कहा परिजन न्याय चाहते है।