पटना। बिहार में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व वाले महागठबंधन को एक और झटका लग सकता है। महागठबंधन का घटक दल उपेंद्र कुशवाहा के राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी (RLSP) आज एक बैठक कर रहा है और बैठक में महागठबंधन में बने रहने या छोड़ने पर विचार हो रहा है। अगर उपेंद्र कुशवाहा भी महागठबंधन छोड़ते हैं तो जीतन राम मांझी के बाद ऐसा करने वाले वे दूसरे नेता होंगे। जीतन राम मांझी के दल हिंदुस्तान आवामी मोर्चा (HAM) ने पहले ही महागठबंधन छोड़ दिया है और जनता दल यूनाइटेड के साथ हाथ मिलाया है।

मिली जानकारी के मुताबिक उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLSP सीटों के बंटवारे के मुद्दे पर कोई फैसला नहीं किए जाने से नाराज है। इसके अलावा RLSP ने महागठबंधन के मुख्‍यमंत्री उम्मीदवार के रूप में उपेंद्र कुशवाहा का नाम सामने रखा है, जिससे RJD को इनकार है। मांझी की पार्टी ने भी सीटों के बंटवारे पर कोई फैसला नहीं होने की वजह से ही गठबंधन से नाता तोड़ा था।

फिलहाल राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के राष्ट्रीय पदाधिकारी, प्रदेश पदाधिकारियों एवं ज़िला अध्यक्षों की बैठक चल रही है। इस बैठक में भी “बिहार का CM कैसा हो, उपेंद्र कुशवाहा जैसा हो” के नारे लग रहे हैं। संभावना यह भी जताई जा रही है कि माना जा रहा है कि कुशवाहा फिर NDA में लौटने का फैसला कर सकते हैं। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उपेंद्र कुशवाहा मंत्री रह चुके हैं लेकिन बाद में उन्होंने NDA को छोड़ महागठबंधन का दामन थाम लिया था और महागठबंधन के साथ मिलकर ही लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।