बेंगलुरु में 50% से अधिक पात्र आबादी को कोविड -19 वैक्सीन की कम से कम एक डोज दी गई है. को-विन पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है. महामारी की तीसरी लहर की तैयारी करने वाले शहर के लिए यह संख्या राहत की बात है, क्योंकि विशेषज्ञों ने सुझाव दिया था कि 75% आबादी को कम से कम एक डोज देने से तीसरी लहर का प्रभाव कम हो जाएगा.

CoWin ऐप के डेटा के अनुसार, बेंगलुरु में 59.4 लाख लोगों को कम से कम कोविड -19 वैक्सीन की एक डोज दी गई है. 50.6 लाख लोगों को पहली डोज मिली है, जबकि 9,14,000 लोगों को दोनों शॉट मिले हैं. चुनाव आयोग के अनुसार, बेंगलुरु शहर में 90 लाख पात्र मतदाता हैं. हालांकि, टीकाकरण के लिए योग्य लोगों की संख्या 91 लाख से कुछ अधिक होने का अनुमान है.

संभावित तीसरी लहर का प्रभाव टीकाकरण पर निर्भर

अक्टूबर और नवंबर में कोरोना वायरस की संभावित तीसरी लहर की भविष्यवाणी के साथ विशेषज्ञों ने कहा है कि अगली लहर की गंभीरता इस बात पर निर्भर करेगी कि आने वाले चार महीनों में लोगों को कैसे टीका लगाया जाता है.कर्नाटक के कोविड -19 टास्क फोर्स के सदस्य और श्री  जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवस्कुलर साइंसेज एंड रिसर्च के निदेशक डॉ सीएन मंजूनाथ के अनुसार,  “अगर हम हर्ड इम्युनिटी का निर्माण करने में सक्षम हैं, तो हम तीसरी लहर के प्रभाव को कुंद कर सकते हैं लेकिन यह एक चुनौती बनने जा रही है,.

60% से 75% आबादी का टीकाकरण जरूरी

तीसरी लहर से बचने के लिए टीकाकरण के न्यूनतम लक्ष्य पर विशेषज्ञों ने कहा है कि 60% से 75% आबादी के बीच तीसरी लहर हिट होने से पहले टीके की कम से कम एक डोज मिलनी चाहिए मंजूनाथ ने कहा कि राज्य को अगले चार महीनों में कम से कम 70% आबादी का टीकाकरण करना चाहिए. वहीं, वायरोलॉजिस्ट और कोविड -19 पर कर्नाटक तकनीकी सलाहकार समिति के सदस्य डॉ. रवि वी ने भी कहा कि 70-75% आबादी को तीसरी लहर की शुरुआत से पहले कम से कम टीके की पहली डोज मिलनी चाहिए.