श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन की डायरेक्टर डॉ. गांगुली ने कहा कि प्रसेनजीत भी चाहते हैं कि बंगाल भारत का कल्चरल हब बने. बंगाल को सोनार बांग्ला बनाने के लिए प्रसेनजीत का भी योगदान अहम है.

बांग्ला फिल्मों के जाने माने कलाकार प्रसेनजीत से बीजेपी नेता अनिर्वाण गांगुली की मुलाकात से राजनीतिक कानाफूसी शुरू हो गई है. एक ओर जहां मोहन भागवत की मिथुन चक्रवर्ती से मुलाकात के बाद मिथुन की राजनीति में वापसी की अटकलें तेज हो गई हैं वहीं प्रसनजीत के बीजेपी में आने की अटकलें भी लगनी शुरू हो गई हैं.

दरअसल, बंगाल चुनाव में इस बार बीजेपी की सबसे बड़ी चिंता पार्टी की तरफ से बड़ा चेहरा है. जो उसके पास नहीं है. आज भी पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सबसे बड़ा चेहरा है और अंदरुनी इलाकों में ममता बनर्जी के खिलाफ बहुत ज्यादा नाराजगी नहीं है. पिछले लोकसभा चुनाव की तरह इस बार भी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अब तक बीजेपी का सबसे बड़ा चेहरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं. लेकिन बीजेपी को मालूम है कि लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव के मुद्दे अलग होते हैं. ऐसे में बड़े चेहरे की गैरमौजूदगी में बीजेपी को बार-बार कहना पड़ रहा है कि पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री यहीं की मिट्टी से जुड़ा हुआ होगा.

बड़े चेहरे की तलाश में सबसे पहले बीजेपी ने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली से बातचीत की. कई बार की बातचीत के बाद भी सौरव राजनीति में आने को तैयार नहीं हुए. ऐसे में बंगाल चुनाव से पहले दो बड़े चेहरे बीजेपी के जेहन में हैं. एक है मिथुन चक्रवर्ती तो दूसरी ओर प्रसेनजीत. नेताजी की जयंती पर विक्टोरिया मेमोरियल में हुए कार्यक्रम में भी प्रसेनजीत को निमंत्रित किया गया था. इस कार्यक्रम में प्रसेनजीत की मौजूदगी ने बीजेपी के बड़े चेहरे की तलाश की संभावनाओं को नया आकार देना शुरू किया.

बीती रात बीजेपी नेता डॉ. अनिर्वाण गांगुली ने उनके द्वारा लिखी किताब ‘अमित शाह एंड द मार्च ऑफ बीजेपी’ प्रसेनजीत को भेंट की. इस दौरान दोनों के बीच काफी देर तक बातचीत भी हुई. हालांकि बीजेपी ने इसे गैर राजनीतिक मुलाकात बताया है. बीजेपी के सूत्रों के मुताबिक यह मीटिंग 45 मिनट तक हुई. बीजेपी का कहना है कि यह मीटिंग संपर्क अभियान का हिस्सा है. प्रसेनजीत बंगाल के लोगों के बारे में काफी सोचते हैं. वह पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का काफी सम्मान करते हैं. वह राजनीति में आने के इच्छुक नहीं हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके पास बतौर कलाकार काफी कुछ करने के लिए बचा हुआ है.

श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन की डायरेक्टर डॉ. गांगुली ने कहा कि प्रसेनजीत भी चाहते हैं कि बंगाल भारत का कल्चरल हब बने. बंगाल को सोनार बांग्ला बनाने के लिए प्रसेनजीत का भी योगदान अहम है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि प्रसेनजीत ने पीएम मोदी द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की तारीफ की.