अभिषेक बच्चन की फिल्म द बिग बुल के रिलीज होने पर एक्टर प्रतीक गांधी की सीरीज स्कैम 1992 के चर्चे एक बार फिर होने लगे हैं. अभिषेक और प्रतीक गांधी दोनों ने ही पर्दे पर हर्षद मेहता का किरदार निभाया है. हालांकि प्रतीक गांधी की परफॉरमेंस के चर्चे अभिषेक बच्चन से ज्यादा हो रहे हैं. ऐसे में प्रतीक गांधी ने ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे संग अपनी सफलता और जिंदगी के मुश्किल दिनों के बारे में बात की है.

जब प्रतीक ने पहली बार स्टेज पर किया था परफॉर्म 

प्रतीक गांधी ने अपने एक्टिंग करियर के बारे में बताया, ”मैं चौथी क्लास में था जब मैंने पहली बार स्टेज पर परफॉर्म किया था. वो बस एक 5 मिनट का स्किट था, लेकिन उस दिन मेरे लिए बजी तालियां मुझे याद रह गई थीं. उसी के बाद मेरा एक्टिंग करने का मन बना, मेरे टीचर्स ने मुझे और ज्यादा प्ले में लेना शुरू कर दिया. लेकिन हम मिडिल क्लास थे. मेरे पापा मुझे सपोर्ट करते थे लेकिन साथ में ये भी कहते थे कि पहले डिग्री लो, फिर जो करना है करो. तो मैंने इंजीनियरिंग करना सही समझा, लेकिन मैं फिर भी कुछ प्ले करता था क्योंकि इश्क तो एक्टिंग से ही था.”

मुंबई में आने के बाद महीनों नहीं थी इनकम 

मुंबई में बिताए अपने शुरूआती दिनों को लेकर प्रतीक गांधी ने बताया, ”ग्रेजुएशन के बाद मैं बॉम्बे आ गया था. 4 साल मैंने एक प्रोजेक्ट बेसिस पर काम किया ताकि मैं एक्टिंग कर पाऊं. लेकिन कभी-कभी महीनों तक कोई कमाई नहीं होती थी. तो मैंने छोटे-मोटे काम करने शुरू किए जैसे टीवी टावर लगाना, एंकरिंग करना. फिर 2006 में सूरत में बाढ़ में हमारा घर चला गया. इसके बाद मेरा परिवार बॉम्बे आ गया. हम सब 1BHK में रहते थे. फिर मेरी शादी हो गई तो हम 5 लोग उस छोटे-से घर में साथ रहने लगे. तो मैंने एक नौकरी पकड़ ली.”

कुछ इस तरह हुए थी प्रतीक गांधी के करियर की शुरुआत

उन्होंने फिल्मी करियर की शुरुआत के बारे में बताया, ”मैं फिर भी काम के पहले और बाद में दो घंटे की रिहर्सल करता था. मैं प्ले में भी काम करता था. ऐसा मैंने 6 सालों तक किया. फिर आखिरकार मुझे एक गुजराती फिल्म में काम मिला. मैंने अपने काम से 22 दिनों की छुट्टी ली ताकि मैं शूटिंग कर सकूं. बहुत सी बार मैं शॉट के बाद वर्क कॉल पर होता था. शूटिंग से मैं कभी कभी काम पर भी जाता था. मैं अपनी फिल्म के प्रोमोशन्स के लिए भी नहीं जा सका था.”

उन्होंने आगे बताया, ”सौभाग्य से बे यार हिट हुई और मैं रातोंरात मेनस्ट्रीम गुजराती एक्टर बन गया. तो जब मुझे दूसरी फिल्म का ऑफर आया, मैंने उसे हां कह दिया और 36 की उम्र में अपनी नौकरी छोड़ दी. जबकि मेरे सिर पर घर का लोन था और घर में एक छोटा बच्चा था, मुझे ऐसा करना सही लगा.”

स्कैम 1992 में यूं मिला काम

स्कैम 1992 में काम मिलने को लेकर प्रतीक गांधी ने बताया, ”मैं कुछ हिंदी फिल्में की और वेब सीरीज कीं. लेकिन मुझे मेरा बड़ा ब्रेक तब मिला जब मुझे हंसल मेहता की टीम से कॉल आई. मैं सोनी लिव की सीरीज स्कैम 1992 में हर्षद मेहता के रोल के लिए शॉर्टलिस्ट हो गया था. मैंने अपने रोल की तैयारी तुरंत शुरू कर दी थी. हर्षद मेहता की पुरानी न्यूज क्लिपिंग्स देखने से लेकर स्टॉक मार्केट के बारे में पढ़ने तक, मैंने सबकुछ किया. और फिर शो रिलीज हो गया…”

जब बदली प्रतीक गांधी की किस्मत

शो के हिट होने के बाद प्रतीक गांधी की जिंदगी में बड़े बदलाव आए, जिनके बारे में उन्होंने कहा, ”उस समय मैंने ये नहीं समझा था कि शो कितना बड़ा हिट हुआ बना है. वो बहुत बढ़िया था. जब शबाना आजमी मैडम ने मुझे कहा कि उन्होंने 20 साल में जो सबसे बेहतरीन परफॉरमेंस देखी है वो मेरी है, तो मेरी आंखों में आंसू आ गए थे. मेरी पत्नी बेहद खुश थी. जब मेरे माता-पिता ने मुझे IIFA अवॉर्ड जीतते देखा तो वह इमोशनल हो गए थे.”

”रिस्क है तो इश्क है”

स्कैम 1992 के बाद कैसा चल रहा है प्रतीक गांधी का करियर, इसपर उन्होंने कहा, ”स्कैम को रिलीज हुए 5 महीने हो गए हैं और मेरी जिंदगी ने 180 डिग्री का टर्न ले लिया है. लोग अब मुझे ‘लीड एक्टर’ के तौर पर देखते हैं. जिंदगी ने जैसे एकदम से रफ्तार पकड़ ली है. लेकिन ये सब 36 साल की उम्र में मेरे साथ इसलिए हुए क्योंकि मैंने जिंदगी के साथ सहज होने के बजाए रिस्क लिया, क्योंकि रिस्क है तो इश्क है.”