भारतीय रिजर्व बैंक की कल जारी वार्षिक रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्तमान में चलन में प्रत्येक बैंकनोट में तीसरा नोट 500 का है. मूल्य के हिसाब से चलन में मौजूद नोटों में 500 और 2,000 के नोटों का हिस्सा 85.7 प्रतिशत है. मात्रा के हिसाब से 31 मार्च, 2021 तक चलन में मौजूद नोटों में 500 रुपए के नोट का हिस्सा सबसे ज्यादा 31.1 प्रतिशत था. उसके बाद 10 रुपए के नोट का नंबर आता है. इसका हिस्सा 23.6 प्रतिशत था.

जानिए आरबीआई ने 2019,2020 और 2021 में कितने मुल्य के 500 के नोट छापे-

  • साल 2019

नोट छपे- 21517.60

कितने मूल्य के- 10758800 (संख्या करोड़ में)

  • साल 2020

नोट छपे- 29447.50

कितने मूल्य के- 1472373 (संख्या करोड़ में)

  • साल 2021

नोट छपे- 38679

कितने मूल्य के- 1933951 (संख्या करोड़ में)

500 और 2,000 रुपये के नोटों का हिस्सा 83.4 प्रतिशत

रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मार्च, 2021 तक चलन में मौजूद कुल बैंक नोटों में 500 और 2,000 रुपये के नोटों का हिस्सा 85.7 प्रतिशत था. वहीं, 31 मार्च, 2020 के अंत तक यह आंकड़ा 83.4 प्रतिशत था. 2020-21 में बैंक नोटों के लिए ऑर्डर एक साल पहले की तुलना में 9.7 प्रतिशत कम रहे. सप्लाई भी एक साल पहले की तुलना में 0.3 प्रतिशत कम रही.

2,000 रुपए के नए नोटों की कोई सप्लाई नहीं

पिछले साल की तरह वित्त वर्ष 2020-21 में 2,000 रुपए के नए नोटों की कोई सप्लाई नहीं हुई है. रिजर्व बैंक ने पिछली बार 2018-19 में 467 लाख 2000 रुपए के नोटों की सप्लाई की थी. आरबीआई ने 20 रुपए के नोटों की सप्लाई 2019-20 में 13,390 लाख नोटों से बढ़ाकर 2020-21 में 38,250 लाख नोट कर दी है.

बता दें कि चलन में मौजूद मुद्रा में नोट और सिक्के आते हैं. अभी रिजर्व बैंक 2, 5, 10, 20, 50, 100, 200, 500 और 2,000 रुपए के नोट जारी करता है. साथ ही केंद्रीय बैंक 50 पैसे, 1, 2, 5, 10 और 20 रुपए के सिक्के भी जारी करता है.