कृषि कानून के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन को 1 महीने से ज़्यादा वक़्त हो चलो है। किसान आंदोलन के चलते सारे किसान दिल्ली की सीमा गाजीपुर, नोएडा, टीकरी और सिंघु बॉर्डर पर अपनी मांगो को लेकर डेट हुए हैं। इस सब के चलते अर्थव्यसव्स्त पर काफी प्रभाव पढ़ रहा है। पूछ ताछ से पता चला है की इन सब दिल्ली की सीमाओं पर स्थित पेट्रोल पंप की सेल पिछले कुछ समय से जीरो प्रतिशत हुई है। और सिर्फ इतना ही नहीं राजिस्थान के पास कुछ इलाको में भी एक ही जैसा हाल है वहा पर भी पेट्रोल पंप की अर्थव्यवस्ता ख़राब चल रही है।

अजय बंसल जो की पेट्रोल पंप एसोसिएशन के प्रेजिडेंट हैं उन्होंने बताया की तकरीबन 28 पेट्रोल पंप की कुछ समय से सेल एक डैम निल हो चुकी है। इतना ही नहीं किसान और सरकार के बीच गतिरोध को एक महीना बीत जाने के बाद अब इन पंपों से जुड़े कर्मियों की रोजी-रोटी पर भी संकट आ पड़ा है। इस सब के चलते पेट्रोल पंप का समाधान जल्द से जल्द निकलना होगा। इस मुसीबत का हाकल ना निकलने की स्थिति में पेट्रोल पंप एसोसिएशन तेल कंपनियों से सहायता की मांग करेगा।

पेट्रोल पंप एसोसिएशन के प्रेजिडेंट अजय बंसल ने बताया की पेट्रोल-डीजल की सेल बॉर्डर एरिया में करीब 40 प्रतिशत और दिल्ली के अंदर करीब 20 प्रतिशत डाउन हो गई है। एसोसिएशन का आंकड़ा ये कहता है कि दिल्ली में करीब 400 पेट्रोल पंप हैं, जिसमें करीब 150 बॉर्डर के करीब हैं जैसे टिकरी बॉर्डर के करीब स्थित 8 पेट्रोल पंपों का कारोबार महीने भर से ठप पड़ा हुआ है।

दिल्ली के करीब 6 नेशनल हाईवे पर किसान अपनी मांगो को लेकर डटे हुए हैं और इसी कारण अब छोटा सफर भी घंटो का सफर बन चूका है। जिसके चलते लोगो ने कार छोड़ कर स्कूटी से आना जाना शुरू करदिया है। सिर्फ इतना ही नहीं उद्यमियों के साथ-साथ मंडी कारोबारियों के काम पर काफी असर पड़ रहा है।