दलेर सिंह या यूं कहें दलेर मेहंदी का जन्म 18 अगस्त 1967 को बिहार के पटना में हुआ था। गायक होने के साथ ही दलेर मेहंदी गीतकार, लेखक और रिकॉर्ड प्रोड्यूसर भी हैं। दलेर मेहंदी ने भांगड़ा को दुनियाभर में मशहूर कर दिया। संगीत में उनकी रुचि बचपन से ही थी। तो चलिए उनके जन्मदिन पर बताते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें।दलेर मेहंदी के नाम के पीछे भी बहुत रोचक किस्सा है। दरअसल उनके माता पिता ने उस वक्त डाकू दलेर सिंह के नाम से प्रभावित होकर उनका यह नाम रखा था। जब दलेर बड़े हुए तो मशहूर गायक परवेज मेहंदी के नाम पर उनके नाम के आगे ‘सिंह’ की जगह ‘मेहंदी’ जोड़ दिया गया। इस तरह दलेर सिंह दलेर मेहंदी बन गए।गाना सीखने के लिए दलेर मेहंदी ने 11 साल की उम्र में घर छोड़ दिया था और घर से भागकर गोरखपुर के रहने वाले उस्ताद राहत अली खान साहब के यहां पहुंचे थे। एक साल तक वो उस्ताद राहत के साथ रहे। 13 साल की उम्र में दलेर ने यूपी के जौनपुर में करीब 20 हजार लोगों के सामने अपनी पहली स्टेज परफॉर्मेंस दी।दलेर मेहंदी का डेब्यू एल्बम ‘बोलो ता रा रा’ था। इस एल्बम के बाद दलेर मेहंदी पॉप स्टार बन गए। इसके लिए उन्हें कई अवॉर्ड भी मिले। इसके बाद तो जैसे उनके करियर का बल्ले बल्ले दौर ही शुरू हो गया। दलेर मेहंदी के प्रसिद्ध गानों में ‘दर्दी रब रब’, ‘तुनक तुनक तुन’, ‘ना ना ना रे’, ‘रंग दे बसंती’, ‘दंगल ट्राइटल ट्रैक’, ‘जियो रे बाहुबली’ सहित अन्य हैं।निजी जिंदगी की बात करें तो दलेर ने आर्किटेक्ट और गायिका तरनप्रीत से शादी की। तरनप्रीत को निक्की मेहंदी के नाम से जाना जाता है। दलेर चार बच्चों के पिता हैं। उनके बच्चों के नाम गुरदीप, अजीत, प्रभजोत और रबाब हैं। प्रसिद्ध गायक मीका सिंह, दलेर के भाई हैं।