व्हाइट हाउस में आज से करीब 120 साल पहले बिजली आ गई थी. उस दौर में बिजली एक बहुत बड़ी खोज थी. लोगों में उत्सुकता तो थी ही, साथ ही इसको लेकर मन में डर भी था. यह डर उस समय के अमेरिकी राष्ट्रपति तक को था और इसके इस्तेमाल से डरते भी थे. क्या आप जानते हैं कि वो राष्ट्रपति कौन थे जिनके कार्यकाल के दौरान व्हाइट हाउस में बिजली तो आई लेकिन इसको लेकर वे और उनकी पत्नी बेहद डरे हुए थे।

अमेरिका में पिछले दिनों कलाकार डेविड चांग ने ‘कौन बनेगा करोड़पति’ यानी हू वांट टू बी मिलेनियर गेम शो में 7 करोड़ रुपये (10 लाख अमेरिका डॉलर) जीते थे. गेम शो जीतने के लिए आखिरी सवाल अमेरिकी राष्ट्रपति और व्हाइट हाउस से जुड़ा हुआ था. चांग ने सवाल का सही जवाब देकर गेम शो से 7 करोड़ रुपये जीत लिए, और इतनी बड़ी राशि जीतने वाले वे पहले कलाकार बने।

डेविड चांग के सामने गेम शो जीतने के लिए आखिरी सवाल था कि अमेरिका के राष्ट्रपति भवन (व्हाइट हाउस) में पहली बार बिजली देखने वाले राष्ट्रपति कौन थे. उन्होंने जवाब के लिए दोस्त से मदद मांगी और फिर सही जवाब देकर गेम शो जीत गए।

इट हाउस में आज से करीब 120 साल पहले बिजली आ गई थी. उस दौर में बिजली एक बहुत बड़ी खोज थी. लोगों में उत्सुकता तो थी ही, साथ ही इसको लेकर मन में डर भी था. यह डर उस समय के अमेरिकी राष्ट्रपति तक को था और इसके इस्तेमाल से डरते भी थे. क्या आप जानते हैं कि वो राष्ट्रपति कौन थे जिनके कार्यकाल के दौरान व्हाइट हाउस में बिजली तो आई लेकिन इसको लेकर वे और उनकी पत्नी बेहद डरे हुए थे.

फिलहाल, शुरुआत व्हाइट हाउस के निर्माण से करते हैं. 13 अक्टूबर 1792 में वाशिंगटन डीसी में 1600 पेनसेल्वेनिया एवेन्यू में व्हाइट हाउस बनने का काम शुरू हुआ और 1 नवंबर 1800 में बनकर तैयार हो गया और इसी साल तत्कालीन राष्ट्रपति जॉन एडम्स यहां रहने आए. फिर तब से लेकर यह अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास बना हुआ है.

इसके करीब 100 साल बाद 1900 में व्हाइट हाउस में बिजली आई और बैंजामिन हैरिसन बिजली की रोशनी में रहने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बने. हालांकि तब बिजली बिल्कुल नई चीज हुआ करती थी सो राष्ट्रपति बैंजामिन हैरिसन और उनकी पत्नी बिजली से डरते थे. हैरिसन दंपति का डर इस कदर था कि वे स्विच तक ऑन या ऑफ नहीं करते थे. उन्हें डर था कि ऐसा करने से जोर का झटका लगेगा.

ऐसे में व्हाइट हाउस में लाइट ऑन या ऑफ करने के लिए स्टाफ को जिम्मेदारी दी गई और वही बिजली के स्विच को ऑन या ऑफ किया करता था. धीरे-धीरे बिजली को लेकर लोगों के मन में डर कम हुआ. एक दौर ऐसा भी आया जब राष्ट्रपति खुद ही बिजली से स्विच ऑन या ऑफ करने लगे.

राष्ट्रपति बैंजामिन हैरिसन जहां बिजली से डरते थे तो वहीं एक राष्ट्रपति ऐसे भी हुए जो बिजली की बचत को लेकर खासे सजग रहते थे और रात में व्हाइट हाउस में घूमा करते थे और जहां कहीं भी उन्हें अनावश्यक बल्ब जल रहे होते उसे खुद ही बंद कर दिया करते थे.

इस राष्ट्रपति का नाम है लिंडन बी जॉनसन. जॉनसन 1963 में अमेरिका के राष्ट्रपति बने और 1969 तक पद पर बने रहे. बिजली बचत और पैसे को लेकर राष्ट्रपति जॉनसन इतने सजग रहते थे कि वह आगे चलकर ‘लाइट बल्ब जॉनसन’ के नाम से पहचाने जाने लगे. जॉनसन रात के वक्त अक्सर पूरे व्हाइट हाउस का चक्कर लगाते और जहां कहीं भी अनावश्यक रूप से बत्ती जल रही होती उसे खुद ही बंद कर दिया करते थे.

कुछ इतिहासकार मानते हैं कि लिंडन बी जॉनसन बेहद किफायती किस्म के शख्स थे और वह चाहते थे कि लोग चीजों का इस्तेमाल हिसाब से करें तथा इसके लिए वह लोगों को संदेश देना चाहते थे. साथ ही वह बिजली बिल के नाम पर टैक्स भरने वालों का पैसा बर्बाद नहीं करना चाहते थे.

दुनिया के सबसे ताकतवर नेता का आधिकारिक निवास स्थान व्हाइट हाउस में एयर कंडीशनिंग (AC) की शुरुआत 1940 में हो गई थी. राष्ट्रपति फ्रेंकलिन रुजवेल्ट के कार्यकाल में उनके कमरे में पहली एसी लगाई गई थी.