वाराणसी:  इस मामले में रविवार को बाराबंकी पुलिस ने मऊ आकर डा. अलका राय से पूछताछ की थी। अलका राय ने स्पष्ट किया था कि उनका इससे कोई लेना देना नहीं है, ना ही उन्होंने बाराबंकी में कभी किसी नाम से कोई अस्पताल खोला था।

डा. अलका ने बताया कि जनता को एंबुलेंस देने के नाम पर मुख्तार के आदमी ने उनसे एक कागजात पर हस्ताक्षर कराया था, लेकिन समय बीतने के साथ वो इस मामले को भूल भी गई। एंबुलेंस कैसे मऊ में संचालित अस्पताल के नाम पर बाराबंकी में फर्जी पते पर पंजीकृत की गई?

इसकी जानकारी होने से अलका राय ने इंकार किया था। जांच के दौरान पाया गया कि मऊ जिले के सरायलंसी थाने के हथिनी अहिरौली गांव निवासी राजनाथ यादव पुत्र फूलेश्वर यादव ने डा. अलका राय से कागजातों पर हस्ताक्षर कराया था। इस आधार पर बाराबंकी पुलिस ने सरायलखंसी थाने के सहयोग से सोमवार को राजनाथ को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। एसपी सुशील घुले ने कार्रवाई की पुष्टि की है.