किसान आंदोलन के आज 15 वा दिन है और अब तक केंद्र सरकार के तरफ से कोई हल नहीं निकलता नहीं दिख रहा .कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा की सरकार के पास ईगो नहीं है सरकार किसानो से किसानो से खुले मन से बातचित कर रही मगर किसान समझने को तैयार नहीं .

कानून में संशोधन के प्रस्ताव को किसानों ने खारिज कर दिया, जिसके साथ ही आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है. किसान कृषि कानून को वापस लेने पर अड़े हुए हैं. किसानों ने दिल्ली- जयपुर और दिल्ली आगरा हाईवे को ब्लॉक करने का ऐलान किया है. वहीं 12 दिसंबर को टोल फ्री करेंगे. इतना ही नहीं 14 दिसंबर को पूरे देश में जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा.

कृषि मंत्री ने ये भी कहा की जो भी तीन बिल लाये गये है किसानो की आय बढ़ाने के लिए लायी गयी है.तय समय में भुगतान की व्यवस्था की गई है. किसानों की जमीन सुरक्षित रखने का ध्यान रखा गया है. नए कृषि कानून किसानों के हित में हैं. मंडी से बाहर जाकर भी किसानों को छूट दी गई. वहीं, उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी किसानों से बातचीत जारी है.

किसान नेता आज शाम 5.30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. इससे पहले किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी. उन्होंने कहा कि हमें सिर्फ केंद्र परेशान नहीं कर रहा है, बल्कि यूपी, हरियाणा और राजस्थान की सरकार भी परेशान कर रही है. लेकिन अभी हमारी लड़ाई केंद्र और हमारा सारा ध्यान इसी पर है.