आगरा में शनिवार को अभिषेक बच्चन के जेल से बाहर आते ही मौजूद भीड़ ने नारेबाजी शुरू कर दी। नेताजी जी जिंदाबाद के जमकर नारे लगे। नारेबाजी करती भीड़ का अभिषेक हाथ जोड़कर अभिवादन कर रहे थे। जेल के बाहर जुटी भीड़ अभिषेक बच्चन की प्रशंसक नहीं बल्कि नेता गंगा राम चौधरी के समर्थक थे। जाे अपने नेता के दर्शन के लिए केंद्रीय कारागार के बाहर जुटे थे।

केंद्रीय कारागार में फिल्म दसवीं की शूटिंग चल रही है। फिल्म की मुख्य भूमिका में अभिषेक बच्चन, यामी गौतम और निमरत कौर हैं। अभिषेक बच्चन फिल्म में प्रभावशाली दबंग नेता गंगा राम चौधरी का किरदार निभा रहे हैं। जो किसी मामले में जेल में निरुद्ध है। अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके वह जेल अधिकारियों को अपने हिसाब से चलाना चाहता है। मगर, जेल अधिकारी की ज्योति देशवाल की भूमिका निभा रही यामी गौतम उस पर धीरे-धीरे अनुशासन का शिकंजा कसती हैं। वह गंगा राम चौधरी को अनुशासित बनाती हैं।

शनिवार को गंगा राम चौधरी का अपने समर्थकों से मुलाकात का सीन था। इसमें वह जेल से बाहर जाते समय अपने समर्थकों का अभिवादन करता है।

समर्थकों की भीड़ जुटाने के लिए प्रोडक्शन टीम ने स्थानीय इवेंट टीम से संपर्क किया था। स्थानीय लोगों को फिल्म में समर्थकों की भूमिका निभानी थी। इसके लिए आवास विकास कालोनी सेक्टर 16 के दर्जनों युवक-युवतियों को बुलाया गया था। उन्हें अभिषेक के जेल से बाहर आने पर गंगा राम चौधरी जिंदाबाद के नारे लगाने थे।

रित प्रदेश का बनाया गया सेट

केंद्रीय कारागार को हरित प्रदेश केंद्रीय कारागार का रूप दिया गया। जेल के मुख्य गेट पर भी केंद्र पर हरित प्रदेश का लोगो लगाया गया था। हरित प्रदेश की पुलिस और यातायात पुलिस हरित प्रदेश का बोर्ड लगाया गया था। सुबह से ही समर्थकों के रूप में भीड़ को भी बुला लिया गया था।

समर्थक बोले पैसा वसूल

नेता बने अभिषेक के समर्थकों की भीड़ को दिखाने के लिए यूनिट के लोगों ने आवास विकास कालोनी सेक्टर 16 और आसपास के युवक-युवतियों को बुलाया था। भीड़ के रूप में आए प्रशंसकों का कहना था कि उनका पैसा वसूल हो गया। वह अपने पसंदीदा अभिनेता से भी मिल लिए, बोनस के रूप में उन्हें रुपये भी मिले। भीड़ के रूप जुटाए गए समर्थकों को यूनिट ने शाट खत्म होने के बाद उनकी फीस भुगतान की।