किसान आंदोलन के आज लगभग 50 दिनों के बाद भी किसान बिलकुल वही जोश के साथ सड़क पर डटे है। किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन चला रहे है। किसान एक जगह नहीं टिकरी ,ग़ाज़ीपुर ,सिंघु बॉर्डर पर हज़ारों की संख्या बैठे है। अब तक 70 से ज्यादा किसानो की मौत भी हो गयी है। फिर भी किसानो का कहना है की हम बिलकुल शांति से आंदोलन चलाते रहेंगे जब तक केंद्र सरकार बिल वापिस नहीं ले लेती।

किसान यूनियन के नेता गुरुनाम सिंह चौरौनी ने मीडिया से बात करते हुए कहा की अबतक सरकार से हमलोग 9 बार बात चुके है और सरकार हमे सिर्फ तारिक का गुठली थमा देती है,और मीडिया के सामने कहती है की हम विचार कर रहे आखिर कबतक। करीब 50 दिन हो गए सरकार अपनी बातों से टस से मस नहीं हो रही तो वही किसान भी अडिग नज़र आ रहे,किसान भी सड़क पर बिना किसी चीज़ की परवाह किये सड़क पर डटे है।

एक सवाल के जवाब में गुरुनाम सिंह कहते है की 26 जनवरी का परेड तक हमलोग इंतज़ार करेंगे,तबतक सरकार के पास भी समय है जो फैसला है उस पर विचार करले,हम किसान साथी 26 जनवरी का परेड डिस्टर्ब नहीं करेंगे,उसके बाद हम दिल्ली कुच करेंगे और दिल्ली पर अपना कब्ज़ा ज़माएंग। उन्होंने कहा की यहाँ तक आने सरकार हमारी कुछ नहीं बिगाड़ पायी तो आगे जो भी होगा सह लेंगे।

गुरुनाम सिंह ने साफ़ कहा की अब सड़क पर नहीं हम लोग अब सांसद में बैठेंगे चाहे सरकार जितना भी जोड़ लगा ले हम सारे बैरिकेड तोड़ दिल्ली पहुंचेंगे और हमारा अगला टारगेट सांसद में बैठना होगा। अब हम वही रहेंगे। सरकार जब तक बिल वापिस नहीं ले लेती उधर ही हमलोग का गद्दा कम्बल और रहेगा। चाहे 2 साल या दो साल से ज्यादा समय तक बैठना पड़े।

आगे का रास्ता उनका साफ़ है की अब सड़क पर नहीं अब सीधा सासंद में बैठेंगे। एक तरह से किसानो ने सरकार को एक अल्टीमेटम दे दिया है की 26 जनवरी तक बिल वापिस करले नहीं तो हम दिल्ली चढ़ाई करेंगे और सभी सरकारी कामो को और सरकारी संस्थाओं को नुकसान पहुंचाएंगे