महाराष्ट्र सरकार की तरफ से कहा गया कि दो FIR दर्ज की गई है. एक पुलिसवालों के खिलाफ और दूसरी जिन लोगों ने साधुओं पर हमला किया था उनके खिलाफ, पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है.

1 सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 17 फरवरी तक टाल दी है.
2 महाराष्‍ट्र सरकार ने दाखिल की नई स्‍टेटस रिपोर्ट.
3 कहा, एक पुलिस अधिकारी को बर्खास्‍त किया गया, 2 अनिवार्य सेवानिवृत्ति पर भेजे गए.

पालघर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 17 फरवरी तक टाल दी है. सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र सरकार (Maharastra Government) ने कहा कि जांच पूरी होगई है. और रिपोर्ट निचली अदालत में फाइल कर दी गई है. याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में लगातार सुनवाई टलने की वजह से साक्ष्य के नष्ट होने का डर है. गौरतलब है कि महाराष्‍ट्र के पालघर में साधुओं की हुई निर्मम रूप से हत्या का मामला सुप्रीम कोर्ट में है. महाराष्ट्र सरकार ने शीर्ष अदालत में नई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की थी.

राज्य सरकार ने कहा कि 15 पुलिसवालों के वेतन में कटौती की सजा दी गई है. नए हलफनामे में महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को बर्खास्त किया गया है और 2 अनिवार्य सेवानिवृत्ति पर भेजे गए. महाराष्ट्र सरकार ने बताया कि 252 व्यक्तियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई और 15 पुलिसकर्मियों पर वेतन कटौती के साथ जुर्माना लगाया गया है.

वही आपको बता दे की महाराष्ट्र सरकार की तरफ से कहा गया कि दो FIR दर्ज की गई है. एक पुलिसवालों के खिलाफ और दूसरी जिन लोगों ने साधुओं पर हमला किया, उनके खिलाफ. पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है. चार्जशीट दाखिल की गई है, जिसे सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा गया है. महाराष्ट्र सरकार के हलफनामे पर दूसरी पार्टियों को जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया गया है, उसके बाद महाराष्ट्र सरकार याचिकाकर्ता के हलफनामे पर अपना जवाब दो हफ्ते में दाखिल करेगी.