कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने किसान आंदोलन, पेट्रोल-डीजल पर सेस और पीएफ के ब्याज पर टैक्स जैसे मुद्दों को लेकर केद्र सरकार पर निशाना साधा है. उनका कहना है कि देश से अहंकार और जिद्द की राजनीति खत्म होनी चाहिए. एनडीटीवी से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘लंबे समय से किसान दिल्ली की सीमाओं पर प्रताड़ना झेल रहे हैं. उनकी मांगों पर सबसे पहले संसद में चर्चा होनी चाहिए. हिंसा का बहाना बनाकर अभियान तोड़ने के लिए किलों का इस्तेमाल किया जा रहा है जैसे कि कोई सामने शत्रु बैठा है. अहंकार और जिद्द की राजनीति खत्म होनी चाहिए.’

बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन तेल उत्पादों पर उत्पाद शुल्क में कटौती की, लेकिन साथ ही उपकर लगा दिया. आम बजट 2021-22 में वित्त मंत्री ने कृषि अवसंरचना विकास उपकर लगाया, और उतनी ही उत्पाद शुल्क में कटौती कर दी, जिसका खामियाजा राज्यों को उठाना पड़ेगा. गौरतलब है कि केंद्र सरकार को उपकर राज्यों के साथ साझा नहीं करना पड़ेगा, जबकि उत्पाद शुल्क को साझा करना पड़ता है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को बजट में ऐलान किया कि जो भी कर्मचारी भविष्य निधि में किसी वित्तीय वर्ष में 2.5 लाख रुपये से ज्यादा का योगदान देते हैं, उन्हें इस पर टैक्स देना होगा. ये लोग पीएफ से मिलने वाले ब्याज पर कर छूट का दावा नहीं कर पाएंगे. 1 अप्रैल से बजट का यह प्रावधान लागू होगा