करनाल हाईवे पर चल रहे किसानों के धरने पर पहुँचे इनेलो नेता अभय चौटाला , MLA पद से इस्तीफा देने के बाद किसानों के मंच पर बोलने का मौका मिला पहले राजनेता को .अभय सिंह चौटाला इस्तीफा देने के बाद से ही किसान आंदोलन में जमकर अपनी जन आंदोलन कर रहे.इस्तीफा देने के बाद चौटाला ने कहा था की खट्टर सरकार के साथ काम करने में बोहोत परेशानी हो रही थी. तनातनी जैसा माहौल बना हुआ था.जब से इस्तीफा दिया हूँ तब से लग रहा कोई क़र्ज़ से छुटकारा पा लिया हूँ.

करनाल के बसताड़ा टोल प्लाजा पर किसानों का धरना फिर से शुरू हो गया है. लंगर व्यवस्था भी शुरू आज हो जाएगी.आज टोल प्लाजा पर किसानों को समर्थन देने के लिए इनेलो अभय सिंह चौटाला भी पहुंचे. उन्होंने सरकार को जमकर घेरा. बसताड़ा टोल प्लाजा पर अभय चौटाला ऐसे पहले राजनेता हैं जिन्हें किसानों ने मंच से बोलने का मौका दिया और शॉल उड़ाकर उनका स्वागत किया.

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किसान आंदोलन लगातार आगे बढ़ रहा है. उस पर राजनीति भी हो रही है और इनेलो नेता ने कृषि कानूनों के खिलाफ अपना विधायक पद से इस्तीफा भी दे दिया है.अब खुले मंच से अभय चौटाला किसानों के साथ कृषि कानूनों के खिलाफ उतर आए हैं. आज जब वो बसताड़ा टोल प्लाजा पर किसानों का समर्थन करने पहुंचे तो उनका स्वागत भी किया गया और पहले ऐसे हरियाणा के नेता थे जिन्हें किसान धरने पर बोलने का मौका मिला.क्योंकि इससे पहले कई नेता किसानों का समर्थन करने आए पर उन्हें बोलने का मौका नहीं मिला.जब अभय बोलने लगे तो उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लिया.उन्होंने कहा कि मैं गाजीपुर राकेश टिकैत का समर्थन करने जा रहा हूं.ये आंदोलन किसी एक का नहीं है ये सभी किसानों का आंदोलन है.सरकार जब तक इन कृषि कानूनों को वापिस नहीं लेते सब मिलकर किसानों के खिलाफ आवाज़ उठाते रहेंगे.

इनेलो नेता अभय चौटाला ने अपने विधायक पड़ से इस्तीफा कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के समर्थन में दे दिया था. करनाल से वो गाजीपुर बॉर्डर के लिए किसानों का समर्थन करने गए हैं. अभय चौटाला ने साफ कह दिया किसानों को मेरी ज़रूरत आधी रात को भी पड़ेगी तो भी मैं उनके साथ खड़ा हूँ.