नए कृषि कानून के खिलाफ चल रहा किसान आंदोलन दिन पर दिन बड़ता जा रहा है। सरकार के किसान के बीच 6 दौरे की बातचीत हो चुकी है लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। आंदोलन के चलते पंजाब से तकरीबन 1000 गाओं से 1500 वाहनों का काफिला हरयाणा के लिए शनिवार की सुबह रवाना हो चूका है और वह किसान प्रदर्शन स्थल पर आके रुकेंगे। इन वाहनों में 1300 ट्रेक्टर ट्रालियां मौजूद है। प्रदर्शनकारियों का यह काफिला दिल्ली बॉर्डर इस हफ्ते के अंत तक पहुंच जायेगा। इस बात की जानकारी किसान मजदूर संघर्ष समिति ने दी है।

किसान मजदूर संगठन से मिली जानकारी के तहत ये लोग पहले से आंदोलन में शामिल उन लोगों की जगह लेंगे जो दो हफ्ते पूर्व यहां पहुंच गए थे। सतनाम सिंह पन्नू ने कहा, “दिल्ली की सीमाओं पर पहले से बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं। ऐसे में हमें कोई रास्ता निकालना होगा। यदि हमें जगह नहीं मिलती है तो हम उसी जगह रुक जाएंगे जहां हम ठहर सकते हैं। इन सबके इतर हमारे पास पहले से कुंडली पर मंच मौजूद है। जो लोग काफी पहले से प्रदर्शन में शामिल हैं उनमें से जो लोग घर लौटेंगे, उनकी जगह दूसरे लोगों को दी जाएगी।”

किसानो द्वारा ये सब रणनीयितो को देकते हुए लगता है की किसान सिर्फ जोश से नहीं होश से भी इस जंग में खड़े हैं। किसानो का मनोबल इन्ही वजहों से लम्बे समय तक कमज़ोर नहीं होगा। अब देखना ये है की किसानो की इस जंग में किसान जीतेगा या फिर मोदी सरकार।