नई दिल्ली, पीटीआइ। रेलवे अपने 13 लाख कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा योजना मुहैया कराकर उनके इलाज का दायरा व्यापक करने पर विचार कर रहा है। रेलवे ने बुधवार को इस बारे में जानकारी दी। रेलवे ने एक बयान में कहा कि वह पहले ही अपने कर्मचारियों और उनके आश्रित परिजनों को ‘रेलवे कर्मचारी उदारीकृत स्वास्थ्य योजना’ और ‘केंद्रीय कर्मचारी स्वास्थ्य सेवा’ (सीजीएचएस) के जरिये चिकित्सा स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। इसमें कहा गया, “भारतीय रेलवे अब रेलवे कर्मियों के चिकित्सीय उपचार के दायरे को बढ़ाने का प्रस्ताव कर रहा है।”

बयान में कहा गया कि इसी के अनुरूप रेल कर्मियों के लिए ‘समग्र स्वास्थ्य बीमा योजना’ से जुड़े सभी पहलुओं को परखने के लिए एक समिति गठित की गई है। इसमें कहा गया कि इसका उद्देश्य चिकित्सा, आकस्मिक परिस्थितियों आदि के दौरान वित्तीय जोखिमों से उन्हें बीमा कवर उपलब्ध कराना है। इसमें कहा गया कि रेलवे ने अपने सभी मंडलों और उत्पादन इकाइयों के महाप्रबंधकों से इस प्रस्ताव पर उनके सुझाव और प्रतिक्रियाएं मांगी हैं।

महामारी के दौरान, रेलवे ने देश भर में COVID-19 रोगियों के लिए 6,500 से अधिक अस्पताल बेड की सुविधा दी है। मालूम हो कि भारतीय रेलवे में 586 स्वास्थ्य इकाइयां, 45 उप-विभागीय अस्पताल, 56 संभागीय अस्पताल, आठ उत्पादन इकाइयां अस्पताल और 16 ज़ोनल अस्पताल हैं, जिनमें पूरे देश में 2500 से अधिक डॉक्टर और 35,000 से अधिक वैदिक कर्मचारी हैं।