प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शुक्रवार को किसानो से संवाद करते हुए कहा की नए कृषि बिल किसानो के लिए वरदान साबित होगा.PM मोदी ने कहा की नए बिल को किसान समझ नहीं पा रहे है बिलकुल बिल किसानो के हित में है। मोदी ने किसानो के सभी मसलो पर खुलकर बात की मौका था 9 करोड़ किसानो के खातों में 18 हज़ार करोड़ पैसा उनके खातों में सीधे भेजेगी की केंद्र सरकार। इसके अलावा कृषि कानून को लेकर जारी आंदोलन के मुद्दे पर विपक्ष को जमकर लताड़ा. बंगाल में लेफ्ट और ममता सरकार के अलावा पीएम मोदी के निशाने पर कांग्रेस, शरद पवार समेत अन्य विपक्षी नेता रहे. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने किन बड़े मुद्दों का जिक्र किया

मोदी ने कहा की जिन राजनितिक दलों को जनता नकार चुकी है वो किसानो को बहकाने का काम कर रहे। वो जनता को गुमराह करने में लगे है कुछ किसान भाई उनके इस चाल में फंस चुके है।

हाल ही में जम्मू कश्मीर और राजस्थान जैसे चुनावों में जहाँ चुनाव हुए वहां जनता ने किसानो को नकारा है और कृषि बिल को सही ठहराया है।

जितने लोग आज आंदोलन चला रहे हैं वही उस सरकार के साथ थे, जिसने स्वामीनाथन रिपोर्ट को दबाकर रखा था. हमने गांव के किसान के काम को आसान करने की कोशिश की है. जो आज किसानों के लिए आंसू बहा रहे हैं, उन्होंने सत्ता में रहते हुए क्या किया हर किसी को पता है.
प्रधानमंत्री ने कहा की पहले आंदोलन MSP गारंटी मांग रही और अब मुद्दा से भटक गयी और लोग कुछ लोगों के पोस्टर लगाकर उन्हें रिहाई की मांग कर रहे हैं, अब कह रहे हैं टोल को खाली कर दो. अब किसान आंदोलन के नाम पर कई मुद्दों को उठाया जा रहा है

पहले किसानो को समय से आनाज न देने पर पेनल्टी देनी होती थी पर अब ऐसा कुछ नहीं है किसानो को अब ऊपर तीन दिन के भीतर पुरे अनाज दाम भी मिल जायेगा।

किसान अपनी मर्ज़ी से एग्र्रीमेंट तोड़ सकता है जिसके साथ जोड़ना चाहता है उसके साथ अपना कॉन्ट्रैक्ट कर सकता है। ऐसे में एग्रीमेंट करने वाला व्यक्ति बाजार के ट्रेंड के हिसाब से ही किसानों को आधुनिक चीजें उपलब्ध करवाएगा.

MSP खत्म नहीं होगी, मंडियां भी चालू रहेंगी. सरकार ने किसानों को इस बात का भरोसा दिया है, अगर फिर भी कोई शंका है तो सरकार चर्चा के लिए तैयार है।
सरकार की फोकस खेती बाड़ी में लग रहे लागत को कम करने की है। सरकार किसानो को मुफ्त में बिजली, पानी और अन्य चीज़े मुहैया करा रही है।